

Krishi Yantrikaran Mela: जैसे खेत में हलचल मच गई हो और तकनीक खुद किसानों का हाथ थामने चली आई हो, कुछ ऐसा ही नजारा दरभंगा में देखने को मिला। स्थानीय समाहरणालय परिसर में कृषि विभाग के तत्वावधान में ‘कृषि यांत्रिकीकरण मेला 2025-26’ का भव्य आयोजन किया गया, जिसका उद्देश्य खेती को आसान बनाना और किसानों की आय को नई ऊंचाई देना है।
दरभंगा में कृषि का नया अध्याय! Krishi Yantrikaran Mela में किसानों पर हुई धनवर्षा, 300 को मिला परमिट
Krishi Yantrikaran Mela में क्या रहा खास?
इस भव्य कार्यक्रम का शुभारंभ संयुक्त निदेशक (दरभंगा प्रमंडल) श्री संजय नाथ तिवारी, जिला कृषि पदाधिकारी डॉ. सिद्धार्थ, और कृषि अभियंत्रण की उप-निदेशक डॉ. आकांक्षा सहित अन्य वरीय अधिकारियों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया। मेले में अत्याधुनिक कृषि यंत्रों की एक विशाल प्रदर्शनी लगाई गई, जो किसानों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी रही। इस दौरान बहादुरपुर प्रखंड के प्रगतिशील किसान श्री हरिदेव दास के चेहरे पर खुशी की लहर दौड़ गई, जब उन्हें ‘कस्टम हायरिंग सेंटर’ की स्थापना के लिए 4 लाख रुपये का अनुदान चेक और सांकेतिक चाबी सौंपी गई। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
मेले का मुख्य आकर्षण 300 किसानों को आधुनिक यंत्रों के परमिट का वितरण रहा। जिले के विभिन्न प्रखंडों से आए किसानों को रीपर-कम-बाइंडर और थ्रेशर जैसी मशीनों के लिए परमिट दिए गए। यह जानना महत्वपूर्ण है कि इन सभी लाभार्थियों का चयन पूरी पारदर्शिता के साथ 23 दिसंबर को बिहार के माननीय कृषि मंत्री की अध्यक्षता में हुई केंद्रीकृत लॉटरी के माध्यम से किया गया था। इस पारदर्शी प्रक्रिया की किसानों ने जमकर सराहना की।
इस पहल का लक्ष्य किसानों को उन्नत खेती की ओर अग्रसर करना है, ताकि वे कम लागत में अधिक मुनाफा कमा सकें। विभाग का मानना है कि आधुनिक यंत्रों के इस्तेमाल से न केवल समय की बचत होगी, बल्कि उत्पादन की गुणवत्ता में भी सुधार आएगा। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
वैज्ञानिक खेती और मिट्टी की सेहत पर जोर
कार्यक्रम के दूसरे सत्र में आत्मा योजना के तहत जिले में हासिल की गई उपलब्धियों पर प्रकाश डाला गया। अधिकारियों ने विस्तार से बताया कि कैसे आत्मा योजना के माध्यम से किसानों को प्रशिक्षण देकर उनकी उत्पादकता में वृद्धि की गई है। इसी दौरान, सहायक निदेशक (रसायन) और अनुमंडल कृषि पदाधिकारी सदर ने ‘मिट्टी जांच’ के महत्व पर जोर दिया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। उन्होंने किसानों से सॉइल हेल्थ कार्ड के आधार पर ही उर्वरकों का संतुलित प्रयोग करने की अपील की।
अधिकारियों ने किसानों को प्राकृतिक खेती (Natural Farming) से होने वाले दीर्घकालिक लाभों के बारे में भी जागरूक किया। उन्होंने बताया कि इस पद्धति से न केवल मिट्टी की उर्वरा शक्ति बनी रहती है, बल्कि कम लागत में शुद्ध और बेहतर अनाज का उत्पादन भी संभव है। मेले में उपस्थित किसानों ने विभाग की इन योजनाओं के प्रति गहरा उत्साह दिखाया और इसे अपनी आय बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम बताया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह मेला वास्तव में किसानों के सशक्तिकरण का एक सफल मंच साबित हुआ।




