
Aadhaar Card: पहचान का जो दस्तावेज़ आपकी पहचान बताने के लिए बना था, वही अब आपकी जेब काटने का हथियार बन गया है। दरभंगा के कुशेश्वरस्थान में आधार कार्ड बनवाने की प्रक्रिया आम जनता के लिए शोषण का एक संगठित चक्रव्यूह बन चुकी है, जहां सरकारी तंत्र की अनदेखी का फायदा उठाकर निजी संचालक चांदी काट रहे हैं।
Aadhaar Card बनवाने के नाम पर कैसे हो रही है क्लोनिंग और धोखाधड़ी?
दरभंगा जिले के कुशेश्वरस्थान पश्चिमी प्रखंड में इन दिनों आधार कार्ड बनवाना किसी चुनौती से कम नहीं है। यह प्रक्रिया आम लोगों के लिए खुलेआम आर्थिक शोषण का एक बड़ा जरिया बन चुकी है। प्रखंड मुख्यालय में स्थित सरकारी आधार केंद्र लंबे समय से बंद पड़ा है, जिसका फायदा उठाकर साइबर कैफे संचालकों ने एक संगठित रैकेट खड़ा कर लिया है। ये संचालक नए आधार कार्ड बनवाने के बदले लोगों से 350 से 400 रुपये तक की मोटी रकम अवैध रूप से वसूल रहे हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
हैरानी की बात यह है कि सरकारी नियमों के अनुसार नया आधार कार्ड बनवाना पूरी तरह से नि:शुल्क है। इसके अलावा, 5 से 15 वर्ष की आयु के बच्चों के लिए अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट भी मुफ्त है। अन्य किसी भी तरह के बायोमेट्रिक अपडेट के लिए केवल 100 रुपये और नाम, पता या जन्मतिथि जैसे सुधार के लिए मात्र 50 रुपये का शुल्क निर्धारित है। लेकिन यहां नियमों को ताक पर रखकर जनता को लूटा जा रहा है। इस पूरे खेल का सबसे खतरनाक पहलू यह है कि ये अवैध केंद्र किसी वैध केंद्र के सुपरवाइजर के अंगूठे का क्लोन बनाकर सरकारी पोर्टल पर लॉग-इन कर रहे हैं। यह एक गंभीर cyber fraud है, जिससे सरकारी सिस्टम में सेंध लगाई जा रही है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
प्रशासन की चुप्पी और जनता की मांग
प्रखंड परिसर के सतीघाट से बेर चौक के बीच करीब दो किलोमीटर के भीतर यह कार्य चल रहा है। स्थायी आधार केंद्र न होने के कारण बिचौलियों का यह नेटवर्क फल-फूल रहा है और वे बिना किसी डर के आम लोगों को ठग रहे हैं। हालांकि इससे पहले बिरौल एसडीओ उमेश कुमार भारती ने बड़ी कार्रवाई की थी। जब इस गंभीर तकनीकी धोखाधड़ी और अवैध वसूली का खेल उजागर हुआ था।
बिरौल एसडीओ शशांक राज ने देशज टाइम्स को बताया… लेंगे बड़ा एक्शन
बिरौल एसडीओ शशांक राज ने देशज टाइम्स को बताया कि पूर्व में भी उन्होंने वहां छापेमारी की थी। फिर बड़ा एक्शन लिया जाएगा।
वहीं इस संबंध में प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) ललन चौधरी से संपर्क करने का प्रयास किया गया, तो उन्होंने कहा, शिकायत मिलने पर कार्रवाई करेंगे । हालांकि इस मामले पर कोई विशेष प्रतिक्रिया देने से इनकार कर दिया। अधिकारी की इस रहस्यमयी चुप्पी और प्रशासनिक उदासीनता के कारण स्थानीय निवासियों में भारी गुस्सा है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
लोगों ने जिला प्रशासन से इस पूरे क्लोनिंग रैकेट की उच्च-स्तरीय जांच कराने और इसमें शामिल दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। साथ ही, जनता ने यह भी मांग की है कि प्रखंड मुख्यालय में तत्काल एक स्थायी सरकारी आधार केंद्र फिर से शुरू किया जाए, ताकि उन्हें इस लूट से स्थायी राहत मिल सके।


