
Darbhanga National School: दरभंगा के लालबाग स्थित ऐतिहासिक नेशनल स्कूल की जमीन पर अतिक्रमण हटाने और मापी कराने के सांसद गोपालजी ठाकुर के निर्देश को लेकर जिला विधि प्रकोष्ठ में खुशी की लहर है। वकीलों ने सांसद की इस पहल का दिल खोलकर स्वागत किया है, क्योंकि यह विद्यालय स्वतंत्रता आंदोलन का एक महत्वपूर्ण केंद्र रहा है।
भाजपा बिहार प्रदेश विधि प्रकोष्ठ के सह संयोजक अमरनाथ झा की अध्यक्षता में शनिवार को वकालतखाना भवन में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। इस बैठक में सांसद गोपालजी ठाकुर द्वारा दिए गए निर्देश की सराहना की गई। अमरनाथ झा ने बताया कि यह विद्यालय महात्मा गांधी के निर्देश पर जिला के स्कूली बच्चों के लिए स्थापित किया गया था।
ऐतिहासिक नेशनल स्कूल का महत्व
आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। नेशनल स्कूल का दरभंगा के इतिहास में गहरा महत्व है। श्री झा ने जानकारी दी कि 1920 में लहेरियासराय के मुख्तारखाना भवन में इस विद्यालय की स्थापना के संबंध में पहली बैठक हुई थी। प्लीडर ब्रजकिशोर प्रसाद की अध्यक्षता में आयोजित उस बैठक में धरणीधर प्रसाद समेत कई प्रख्यात वकीलों ने भाग लिया था। परिणामस्वरूप, यह विद्यालय स्वतंत्रता आंदोलन का एक प्रमुख केंद्र बन गया।
Darbhanga National School को अतिक्रमण मुक्त कराने की पहल
विद्यालय की भूमि की सुरक्षा के प्रति सांसद श्री ठाकुर की सक्रिय पहल को लेकर अधिवक्ताओं में उत्साह है। अधिवक्ता रामवृक्ष सहनी, अनीता आनंद, रानी कुमारी, ऋषभ श्रीवास्तव, शिवकुमार सोनी और जितेंद्र कुमार जैसे कई गणमान्य वकीलों ने सांसद गोपालजी ठाकुर को उनकी दूरदर्शिता और जनहितकारी कार्य के लिए साधुवाद ज्ञापित किया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सांसद के निर्देश से जल्द ही स्कूल अतिक्रमण मुक्त हो पाएगा। इस स्कूल अतिक्रमण के खिलाफ सांसद की यह पहल काफी सराहनीय है। अधिवक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि Darbhanga National School जैसे ऐतिहासिक संस्थान की भूमि की सुरक्षा अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह सुनिश्चित करना आवश्यक है कि Darbhanga National School अपनी मूल पहचान बनाए रखे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें







