
Darbhanga Court: दरभंगा में न्याय की धार एक बार फिर तेज दिखी है। दो अलग-अलग संगीन मामलों में अदालत ने सख्ती दिखाते हुए आरोपियों को कोई राहत नहीं दी है। एक हत्या के आरोपी की जमानत अर्जी खारिज हो गई, वहीं दहेज प्रताड़ना के मामले में दो आरोपियों की अग्रिम जमानत याचिका भी अदालत ने ठुकरा दी है।
हत्या के आरोपी को दरभंगा कोर्ट से नहीं मिली राहत
सिविल कोर्ट दरभंगा के जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश आदिदेव की अदालत ने हत्या के एक संगीन मामले में आरोपी खुशीकांत झा की जमानत याचिका खारिज कर दी है। यह मामला बहेड़ी थानाकांड संख्या 44/26 से जुड़ा है। लोक अभियोजक अमरेंद्र नारायण झा ने अदालत को बताया कि बहेड़ी के आधारपुर गांव में मामूली रास्ते के विवाद में खुशीकांत झा पर एक महिला की कुल्हाड़ी से हत्या करने और उसके पति को गंभीर रूप से घायल करने का आरोप है। आरोपी फिलहाल न्यायिक हिरासत में है। अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जमानत देने से इनकार कर दिया।
दहेज हत्या प्रयास और छेड़छाड़ मामले में अग्रिम जमानत रद्द
इसी कड़ी में, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश रंजन कुमार मिश्रा की अदालत ने दहेज के लिए हत्या के प्रयास और छेड़छाड़ के आरोप में नामजद सलाउद्दीन उर्फ पैदल और रुखसाना उर्फ रुखसाना खातून की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी। यह मामला रैयाम थानाकांड संख्या 35/25 के तहत दर्ज किया गया था। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। दोनों आरोपियों ने खुद को बेकसूर बताते हुए अग्रिम जमानत की गुहार लगाई थी, लेकिन अदालत ने प्राथमिक जांच और लगाए गए आरोपों को देखते हुए उन्हें कोई राहत नहीं दी।
इन फैसलों से दरभंगा कोर्ट ने स्पष्ट संदेश दिया है कि जघन्य अपराधों में संलिप्त आरोपियों को आसानी से राहत नहीं मिलेगी और न्याय व्यवस्था में लोगों का विश्वास और मजबूत हुआ है। पुलिस और न्यायपालिका दोनों ही अपराधियों को कानून के कटघरे में लाने के लिए तत्पर दिख रहे हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
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