

DARBHANGA NEWS-दलित-महादलितों का विकास सिर्फ आरक्षण से नहीं, वास्तविक प्रतिष्ठा से मुख्य बातें
- दलित-महादलितों को आरक्षण मात्र नहीं, मिले सामाजिक प्रतिष्ठित भी :डॉ. दिनेश
- स्वयंसेवकों से सीएए के प्रति जागरूकता का आह्वान
- आरएसएस के आइटीसी का समापन समारोह
- -स्वयंसेवकों ने निकाला पथ संचलन-लोगों ने पुष्प-वृष्टि कर किया स्वागतदरभंगा,देशज न्यूज (Deshj News)। अपने इतिहास पर यदि गंभीरता से विचार करें तो दलित-महादलितों का हमारे समाज के निर्माण और विकास में अवदान किसी से भी कम नहीं है। सिर्फ आरक्षण से उनका सम्मान नहीं किया जा सकता है। उन्हें सामाजिक स्तर पर भी वास्तविक रूप से प्रतिष्ठित करना होगा। यह बात राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के अखिल भारतीय ग्राम विकास प्रमुख
डॉ. दिनेश ने कही। उन्होंने दलित-महादलितों को सही अर्थ में समाज की अगड़ी जाति करार दिया। वे शनिवार को आरएसएस के प्राथमिक शिक्षा वर्ग (आइटीसी) के समापन समारोह में बतौर मुख्य वक्ता बोल रहे थे।- Advertisement -स्थानीय रमेश्वरलता संस्कृत महाविद्यालय परिसर में विगत 21 दिसंबर से संचालित आइटीसी का समापन समारोह आज मिर्जापुर स्थित पूअर होम परिसर में किया गया था। इसमें डा. दिनेश ने कहा कि देश की आजादी के 72 वर्ष के बाद भी समाज जागरण का काम सही अर्थ में नहीं हो सका है। वैसे आरएसएस यह काम लगातार कर रहा है, लेकिन जिस सामूहिक स्तर पर इस दिशा में जो प्रयास होना चाहिए, वह आज तक नहीं हो सका है। यही कारण है कि जिस भगवान राम व उनके द्वारा निर्मित रामसेतु को विज्ञान मानता रहा, उसको बचाने के लिए इतना लंबा संघर्ष करना पड़ा। उन्होंने नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) का जिक्र करते हुए कहा कि देश की आजादी के वक्त दूसरे देशों से यहां आये प्रताड़ित बंधुओं की चिंता इतने दशकों बाद भी नहीं की जा सकी। अब जबकि इस पर चिंतन शुरू हुआ है, इस दिशा में प्रयास आरंभ हुआ है तो समाज में दूसरा वातावरण ही दिख रहा है। इसके कारण के पीछे संघ नहीं जाता, क्योंकि हम सभी को अपने देश की संतान समझते हैं। उनकी पूजा पद्धति, परंपरा अलग हो सकती है, पर उससे कोई फर्क नहीं पड़ता है। आवश्यकता यह है कि सभी देशहित में विचार करें। उन्होंने तीन तलाक का जिक्र करते हुए कहा कि हम नारी शक्ति के पूजक हैं। क्या उनका सम्मान नहीं होना चाहिए? डा. दिनेश ने समाज जागरण पर बल देते हुए स्वयंसेवकों को इसके लिए और ऊर्जा से काम करने का आह्वान किया।
- Advertisement -इससे पूर्व स्वयंसेवकों ने पूर्ण गणवेश में संघ के वाद्ययंत्र घोष पर कदम ताल मिलाते हुए पथ संचलन किया। यह संचलन पूअर होम से मिर्जापुर चौक, दरभंगा टावर, सुभाष चौक, कोतवाली चौक होते हुए वापस मिर्जापुर चौक के रास्ते आरंभ स्थल पहुंचा। इस दौरान जगह-जगह महिलाएं एवं अन्य लोगों ने उनके ऊपर फूल बरसा कर स्वागत किया। समापन समारोह के मौके पर प्रशिक्षु स्वयंसेवकों ने रमेश्वरलता संस्कृत कॉलेज में आइटीसी के दौरान प्राप्त शारीरिक प्रशिक्षण का प्रदर्शन भी किया। स्वयंसेवकों ने दंड, नियुद्ध, योग, आसन व सूर्य नमस्कार का प्रदर्शन करने के अलावा सामूहिक राष्ट्रभक्ति के गीत का गायन भी किया। मौके पर संघ के विभाग संघचालक प्रो. अनिल कुमार सिंह, जिला संघचालक डा. अशोक कुमार सिंह, प्रांत कार्यवाह ओम प्रकाश गर्ग, विभाग प्रचारक राजा राम, विभाग कार्यवाह दिलीप झा, संपर्क प्रमुख अविनाश कुमार, रवींद्र सिंह, जिला कार्यवाह अशोक कुमार, सह जिला कार्यवाह कन्हैया, प्रचार प्रमुख रूद्रनारायण मंडल, दीपक कुमार, उपनिषद, रमेश कुमार, तरुण कुमार के अतिरिक्त सांसद गोपालजी ठाकुर, नगर विधायक संजय सरावगी, हायाघाट विधायक अमरनाथ गामी, पूर्व एमएलसी मिश्रीलाल यादव, डा. मुरारी मोहन झा, हरि सहनी सहित बड़ी संख्या में आरएसएस के स्वयंसेवक व भाजपा के नेता मौजूद थे।
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