Darbhanga @ प्रभाष रंजन| शहर के वीआईपी रोड दोनार स्थित आदया नर्सिंग होम में इलाज के दौरान एक युवक की मौत हो गई। लेकिन, अस्पताल प्रबंधन ने 78 हजार रुपए का बिल चुकता नहीं होने के कारण शव को 12 घंटे तक बंधक बनाकर रखा।
मामले की जांच के आदेश
दरभंगा के सिविल सर्जन डॉक्टर अरुण कुमार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच टीम का गठन किया।
जांच बिंदु:
मरीज को कब और किन परिस्थितियों में भर्ती किया गया?
उसकी मौत कब हुई और परिजनों को सूचना कब दी गई?
अस्पताल में कार्यरत डॉक्टर नियमित आते हैं या नहीं?
कैसे हुई मौत?
बहेड़ी थाना क्षेत्र के नव टोल निवासी बबलू सहनी सड़क दुर्घटना में घायल हुए थे।
डीएमसीएच से पटना रेफर किया गया था, लेकिन एंबुलेंस ड्राइवर ने बेहतर इलाज के नाम पर दोनार स्थित आदया नर्सिंग होम में भर्ती करा दिया।
इलाज के दौरान युवक की मौत हो गई।
शव को लेकर हंगामा और पुलिस हस्तक्षेप
78 हजार रुपए के बिल की मांग को लेकर शव परिजनों को नहीं सौंपा गया।
गुस्साए परिजनों और स्थानीय लोगों ने दरभंगा-लहेरियासराय रोड जाम कर दिया।
पांच थानों की पुलिस मौके पर पहुंची और हस्तक्षेप के बाद शव को कब्जे में लिया।
डीएमसीएच में पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।
अस्पताल प्रबंधन पर सवाल
परिजनों का आरोप है कि इलाज के नाम पर ठगी की गई।
बेहतर इलाज का झांसा देकर युवक को जबरन नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया।
सिविल सर्जन ने कहा कि जांच में अनियमितता पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।