

Darbhanga News: खाकी की वर्दी पर लगा दाग, जब ‘रक्षक’ ही बन गया ‘भक्षक’, चरित्र सत्यापन के नाम पर रिश्वत लेते दारोगा का वीडियो वायरल होने के बाद विभाग में हड़कंप मच गया। इस घटना ने एक बार फिर पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
Darbhanga News: रिश्वतखोरी के आरोप में लहेरियासराय के दारोगा साजिद खान निलंबित, एसएसपी ने लिया सख्त एक्शन
Darbhanga News: चरित्र सत्यापन के बदले दारोगा ने ली रिश्वत, वीडियो ने खोली पोल
Darbhanga News: लहेरियासराय थाना में पदस्थापित दारोगा साजिद हुसैन खान पर चरित्र सत्यापन के नाम पर खुलेआम रुपये लेने का आरोप लगा है। इसका एक वीडियो तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा था, जिसमें दारोगा एक युवक से पैसे लेते दिख रहे थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) जगुनाथ रेड्डी जलारेड्डी ने तत्काल जांच के आदेश दिए। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। जांच के बाद दारोगा को निलंबित कर दिया गया है।
Darbhanga News: चरित्र प्रमाण के नाम पर ‘रिश्वत की रील’, दारोगा का वीडियो वायरल, SSP जगुनाथ रेड्डी का एक्शन, जांच के आदेश
एसएसपी ने बताया कि वायरल वीडियो की सत्यता की जांच लहेरियासराय थानाध्यक्ष अमित कुमार को सौंपी गई थी। थानाध्यक्ष की रिपोर्ट में वीडियो सही पाया गया, जिसके आधार पर दारोगा साजिद हुसैन खान को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर पुलिस लाइन में योगदान करने का निर्देश दिया गया है। उन्हें सामान्य जीवन यापन भत्ता पर पुलिस लाइन में रहना होगा। यह कार्रवाई पुलिस विभाग में व्याप्त रिश्वतखोरी पर एसएसपी की लगातार कार्रवाई का हिस्सा है।
जानकारी के अनुसार, वार्ड नंबर 31 के एक फरियादी को चरित्र प्रमाण पत्र सत्यापन के लिए थाना बुलाया गया था। इसी दौरान दारोगा ने उससे 500 रुपये लिए, जिसका वीडियो किसी अज्ञात व्यक्ति ने बना लिया और उसे सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। फरियादी ने भी बाद में इस बात की पुष्टि की कि उससे चरित्र प्रमाण पत्र के लिए पैसे लिए गए थे। यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब एसएसपी लगातार भ्रष्टाचार के खिलाफ मुहिम चला रहे हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
दरभंगा में रिश्वतखोरी, आरोपितों को मदद पहुंचाने और कर्तव्य में लापरवाही बरतने के आरोप में एसएसपी जगुनाथ रेड्डी जलारेड्डी लगातार सख्त कार्रवाई कर रहे हैं। अब तक दो दर्जन से अधिक पुलिस पदाधिकारियों को निलंबित किया जा चुका है और कुछ पर तो प्राथमिकी भी दर्ज हुई है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। इसके बावजूद, कुछ पुलिसकर्मियों में इसका भय नजर नहीं आ रहा है, जो चिंता का विषय है।
पुलिस विभाग में भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने की चुनौती
लहेरियासराय थाना, जिसे जिला मुख्यालय का दर्जा प्राप्त है, के इस क्षेत्र में प्रमंडलीय आयुक्त, डीआइजी, डीएम, एसएसपी, न्यायालय सहित कई महत्वपूर्ण पदाधिकारियों के कार्यालय स्थित हैं। ऐसे संवेदनशील इलाके में भी खुलेआम रिश्वत की राशि ली जाना पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। वायरल वीडियो में साफ देखा जा रहा है कि दारोगाजी थाने के बाहर बरामदे पर बैठकर काम कर रहे हैं और एक युवक उन्हें पर्स से निकालकर रुपये दे रहा है।
जब युवक थाने से बाहर आया और उससे पूछा गया कि उसने किस काम के लिए पैसे दिए हैं, तो उसने स्पष्ट जवाब दिया। युवक ने बताया कि उसे चरित्र प्रमाण पत्र बनवाना था और सत्यापन के लिए वह थाना आया था। उसने अपने पर्स से मात्र पांच सौ रुपये दिए थे। युवक ने अपना नाम व पता भी बताया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इस तरह की घटनाएं पुलिस के प्रति जनता के विश्वास को कमजोर करती हैं और एक स्वच्छ व पारदर्शी प्रशासन की उम्मीदों पर पानी फेरती हैं। एसएसपी द्वारा की गई यह त्वरित कार्रवाई पुलिस महकमे में एक सकारात्मक संदेश देगी और अन्य पुलिसकर्मियों को भी सबक सिखाएगी।
जबकि लहेरियासराय थानाध्यक्ष अमित कुमार ने योगदान करने के बाद हीं उन्होंने अपने अधीनस्थ पुलिस पदाधिकारी से लेकर पुलिसकर्मी तक को हिदायत दे रखा था किसी भी फरियादी से काम के बदले पैसा नहीं लेना है। जो भी सही कार्य हो उसे कर देना है लेकिन उनके आदेश को भी दारोगा साजिद हुसैन खान नहीं माना और पासपोर्ट सत्यापन के नाम पर पैसे की वसूली करते रहे।





