
Road Safety App: दरभंगा, देशज टाइम्स। जब सड़क पर ज़िंदगी की रफ्तार थम जाती है और कोई हादसा केवल एक आंकड़े से कहीं ज़्यादा बन जाता है, तब तकनीक का साथ ही इस त्रासदी को कम करने का सबसे बड़ा हथियार साबित होता है। इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, दरभंगा पुलिस ने यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए कमर कस ली है।
Road Safety App: दरभंगा पुलिस की नई पहल, iRAD और eDAR ऐप्स से अब हादसों पर लगेगा अंकुश
Road Safety App: दुर्घटनाओं पर लगाम कसने की तकनीक
20 दिसंबर, 2025 को वरीय पुलिस अधीक्षक जगुनाथ रेड्डी की अध्यक्षता में वरीय पुलिस अधीक्षक कार्यालय के सभा कक्ष में एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य iRAD (Integrated Road Accident Database) ऐप और eDAR (Electronic Detailed Accident Report) ऐप के प्रभावी उपयोग और क्रियान्वयन हेतु सभी संबंधित पदाधिकारियों को विस्तृत दिशा-निर्देश प्रदान करना था। इन ऐप्स का लक्ष्य सड़क दुर्घटनाओं से संबंधित डेटा को एकत्रित करने और उसका विश्लेषण करने की प्रक्रिया को डिजिटल बनाना है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इससे न केवल दुर्घटनाओं की रिपोर्टिंग तेज़ होगी, बल्कि सटीक जानकारी के आधार पर भविष्य में दुर्घटनाओं को रोकने के लिए बेहतर नीतियां भी बनाई जा सकेंगी।
इन अत्याधुनिक ऐप्स के माध्यम से पुलिस और अन्य एजेंसियां, जैसे परिवहन विभाग और स्वास्थ्य विभाग, एक साझा मंच पर आकर काम कर सकेंगी। iRAD ऐप घटनास्थल से सीधे डेटा एकत्र करने में मदद करता है, जिसमें दुर्घटना का स्थान, समय, वाहनों का प्रकार और घायलों की जानकारी शामिल होती है। वहीं, eDAR ऐप विस्तृत दुर्घटना रिपोर्ट तैयार करने में सहायता करता है, जो बीमा दावों और कानूनी प्रक्रियाओं के लिए महत्वपूर्ण होता है। वरीय पुलिस अधीक्षक ने बल दिया कि इन ऐप्स का सही ढंग से उपयोग करके सड़क सुरक्षा के क्षेत्र में क्रांति लाई जा सकती है।
त्वरित कार्रवाई और सटीक डेटा का महत्व
बैठक में उपस्थित सभी अधिकारियों को इन ऐप्स के तकनीकी पहलुओं और उनके उपयोग की व्यावहारिक प्रक्रिया के बारे में विस्तार से समझाया गया। उन्हें बताया गया कि कैसे इन ऐप्स के ज़रिए दुर्घटनास्थल से तुरंत और सटीक जानकारी अपलोड की जा सकती है, जिससे त्वरित चिकित्सा सहायता और अन्य आपातकालीन सेवाओं को समय पर सक्रिय किया जा सके। इससे पीड़ितों को समय पर मदद मिलेगी और गंभीर चोटों या मौतों को कम किया जा सकेगा। वरीय पुलिस अधीक्षक ने सभी पदाधिकारियों को इन ऐप्स के प्रशिक्षण और उनके दैनिक कार्यों में अनिवार्य रूप से शामिल करने के निर्देश दिए। यह पहल राज्य में सड़क सुरक्षा के मानकों को ऊपर उठाने और दुर्घटनाओं की रोकथाम में मील का पत्थर साबित होगी। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। उन्होंने यह भी कहा कि डेटा के विश्लेषण से दुर्घटना के हॉटस्पॉट की पहचान करने और उन क्षेत्रों में विशेष उपाय लागू करने में मदद मिलेगी। इस प्रकार, दरभंगा पुलिस तकनीकी नवाचार का उपयोग करके नागरिकों के जीवन को सुरक्षित बनाने की दिशा में एक सशक्त कदम उठा रही है।




