
Darbhanga Railway Station: बचपन में कई बार बच्चों की शरारतें उन्हें ऐसी जगह पहुंचा देती हैं, जहाँ उन्होंने कभी सोचा भी नहीं होता। दरभंगा से एक ऐसा ही दिलचस्प मामला सामने आया है, जहाँ स्कूल जाने के लिए घर से निकले दो दोस्त सीधे रेलवे स्टेशन जा पहुंचे।
जानकारी के मुताबिक, कमतौल थाना क्षेत्र के कर्जा पट्टी गांव निवासी अब्दुल कलाम के 12 वर्षीय पुत्र अब्दुल अर्श और उनके पड़ोसी जियाउर रहमान के पुत्र मोहम्मद इमामुद्दीन (12) सोमवार सुबह करीब सात बजे अपने घर से स्कूल जाने के लिए निकले थे। लेकिन स्कूल पहुंचने की बजाय, दोनों दोस्त खेलते-हंसते दरभंगा रेलवे स्टेशन पहुंच गए। सोमवार रात करीब नौ बजे दोनों बच्चों को रेलवे प्लेटफॉर्म पर लावारिस घूमते देखा गया।
स्कूल के बहाने, Darbhanga Railway Station तक का सफर
रेलवे पुलिस की नजर इन बच्चों पर पड़ी। पूछताछ के दौरान बच्चों ने अपना परिचय दिया। चूंकि दोनों बच्चे नाबालिग थे, इसलिए रेल पुलिस ने उन्हें चाइल्ड लाइन सिमरी के सुपुर्द कर दिया। इस घटना के बाद आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। इधर, सुबह से स्कूल के लिए निकले बच्चों के घर न पहुंचने पर परिजन चिंतित हो गए। उन्होंने रिश्तेदारों के यहां और आसपास हर संभावित जगह उनकी तलाश की।
रेलवे पुलिस ने चाइल्ड लाइन को सौंपा
सोमवार देर रात अब्दुल अर्श के मोबाइल नंबर से चाइल्ड लाइन सिमरी से अब्दुल कलाम को फोन आया। उन्हें बताया गया कि दो नाबालिग बच्चे रेलवे पुलिस के माध्यम से चाइल्ड लाइन के पास आए हैं। सूचना मिलते ही परिजन बच्चों को लाने के लिए सिमरी जाने लगे, लेकिन चाइल्ड लाइन ने उन्हें न्यायालय के आदेश के साथ उपस्थित होने को कहा। इसके बाद मंगलवार को दोनों बच्चों के पिता दरभंगा जुवेनाइल कोर्ट पहुंचे।
अब कोर्ट में अटका बच्चों का मामला
यह घटना दिखाती है कि बच्चों की मासूमियत कई बार उन्हें अनजाने में बड़ी मुश्किल में डाल देती है। दोनों बच्चे एक-दूसरे के पड़ोसी और घनिष्ठ मित्र हैं। अब देखना होगा कि जुवेनाइल कोर्ट इस मामले में क्या निर्णय लेता है और कब ये बच्चे अपने घर लौटते हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।







