
Military Leadership: बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन (सेवानिवृत्त) ने गया स्थित ऑफिसर्स ट्रेनिंग एकेडमी (OTA) में अधिकारियों और कैडेट्स को संबोधित किया। उन्होंने ‘सैन्य नेतृत्व की भावना’ विषय पर एक प्रेरक व्याख्यान दिया, जिसमें अपने चार दशकों के अनुभव का निचोड़ पेश किया। इस दौरान उन्होंने भारतीय सेना में अपने शानदार करियर से मिली सीख को साझा किया।
Military Leadership: राज्यपाल के उद्बोधन की मुख्य बातें
लेफ्टिनेंट जनरल हसनैन ने अपने संबोधन में सफल सैन्य नेतृत्व के लिए कई महत्वपूर्ण गुणों पर प्रकाश डाला। उन्होंने जोर दिया कि किसी भी सैन्य अधिकारी के लिए ये गुण अत्यंत आवश्यक हैं:
- ईमानदारी और सत्यनिष्ठा: नेतृत्व की नींव है।
- व्यावसायिक उत्कृष्टता: अपने क्षेत्र में सर्वश्रेष्ठ होने का प्रयास।
- निरंतर सीखने की ललक: बदलते समय के साथ खुद को अपडेट रखना।
- राष्ट्र के प्रति अटूट कर्तव्यबोध: देश सेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता देना।
आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। उन्होंने बताया कि कैसे इन सिद्धांतों का पालन करके कोई भी अधिकारी चुनौतियों का सामना कर सकता है और प्रभावी ढंग से अपनी टीम का नेतृत्व कर सकता है।
अनुभवों का खजाना: सियाचिन से UN मिशन तक
राज्यपाल ने भारतीय सेना में अपने चार दशकों से अधिक के शानदार करियर से प्रेरणा ली। उन्होंने श्रीलंका से लेकर सियाचिन ग्लेशियर तक, जम्मू-कश्मीर से पूर्वोत्तर भारत तक, और अफ्रीका में संयुक्त राष्ट्र के शांति मिशनों जैसे विविध और चुनौतीपूर्ण वातावरणों में अपने व्यापक परिचालन अनुभवों से प्राप्त बहुमूल्य अंतर्दृष्टियाँ साझा कीं। उन्होंने बताया कि कैसे उन्होंने इन परिस्थितियों में फैसले लिए और विभिन्न चुनौतियों का सामना किया। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। ये अनुभव नए अधिकारियों के लिए प्रेरणा स्रोत बने, उन्हें बताया गया कि Indian Army में सेवा का मतलब सिर्फ आदेश देना नहीं, बल्कि हर स्थिति में नेतृत्व का उत्कृष्ट उदाहरण पेश करना है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। उन्होंने समझाया कि युद्धक्षेत्र से लेकर शांति अभियानों तक, हर जगह Military Leadership की भूमिका अहम होती है, और यह सिर्फ शारीरिक शक्ति नहीं, बल्कि मानसिक दृढ़ता और नैतिक साहस का भी प्रतीक है।







