Darbhanga Road Accident: दरभंगा में गुरुवार को एक दिल दहला देने वाला सड़क हादसा हुआ है। दरभंगा-मुजफ्फरपुर राष्ट्रीय राजमार्ग 27 पर कंसी नरकटिया चौक के पास एक अनियंत्रित बस ने रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) के चार जवानों और एक पुलिस वाहन के चालक को रौंद दिया। यह घटना तब हुई जब ये सभी सुरक्षाकर्मी सड़क किनारे अतिक्रमण हटाओ अभियान के लिए तैनात थे।
इस भयानक हादसे में कुल पांच लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को तुरंत दरभंगा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (डीएमसीएच) में इलाज के लिए भर्ती कराया गया है, जहां एक जवान की हालत बेहद गंभीर बताई जा रही है। घटना के बाद घटनास्थल पर अफरातफरी और चीख-पुकार मच गई।
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पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दुर्घटनाग्रस्त बस को अपने कब्जे में ले लिया है। इसके साथ ही बस के चालक और दो कंडक्टरों को भी हिरासत में ले लिया गया है। पुलिस उनसे घटना के संबंध में गहन पूछताछ कर रही है।
कंसी नरकटिया चौक पर कैसे हुआ यह भयावह हादसा?
जिलाधिकारी के विशेष निर्देश पर दरभंगा-मुजफ्फरपुर एनएच-27 पर सिमरी थाना क्षेत्र में सड़क किनारे से अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाया जा रहा था। गुरुवार को इस अभियान का दूसरा दिन था, जिसमें जिला प्रशासन, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) और पुलिस प्रशासन की एक संयुक्त टीम काम कर रही थी।
सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए रैपिड एक्शन फोर्स के जवानों को मौके पर तैनात किया गया था। इसी दौरान दिल्ली से मधुबनी के लौकहा जा रही एक तेज रफ्तार और अनियंत्रित बस ने अचानक सड़क किनारे खड़े इन सुरक्षाकर्मियों को अपनी चपेट में ले लिया। बस इतनी तेजी से आई कि जवानों को संभलने का मौका ही नहीं मिला।
पुलिस द्वारा हिरासत में लिए गए बस चालक अखिलेश्वर यादव ने अपना बयान दिया है। उसने बताया कि कंसी नरकटिया चौक के पास अचानक उसकी बस का ब्रेक फेल हो गया था। चालक का दावा है कि उसी समय दाहिनी ओर से एक तेज रफ्तार ट्रक भी आ रहा था।
ट्रक से बस की टक्कर बचाने के प्रयास में उसने बस को बाईं ओर मोड़ा, जिससे बस सीधे सड़क किनारे खड़े रैफ के जवानों और पुलिस वाहन के चालक से जा टकराई। पुलिस चालक के इस दावे की सत्यता की जांच कर रही है। इस घटना ने एक बार फिर बिहार में सड़क यातायात संबंधी खबरों को सुर्खियों में ला दिया है।
घायलों की स्थिति और पुलिस की त्वरित कार्रवाई
इस हादसे में घायल हुए रैफ के जवानों की पहचान सुबोध कुमार (उम्र 42 वर्ष), रूपेश कुमार (उम्र 32 वर्ष), मुकेश कुमार (उम्र 39 वर्ष) और प्रकाश छत्री के रूप में की गई है। इनके साथ ही पुलिस वाहन का चालक रीतेश कुमार (उम्र 40 वर्ष) भी गंभीर रूप से घायल हुआ है। सभी घायलों को तत्काल दरभंगा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल ले जाया गया, जहां प्रकाश छत्री की हालत चिंताजनक बनी हुई है और उन्हें गहन चिकित्सा इकाई में रखा गया है।
सिमरी थानाध्यक्ष अरविंद कुमार ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दुर्घटनाग्रस्त बस को जब्त कर लिया है। मधुबनी के मधेपुर निवासी बस चालक अखिलेश्वर यादव, साथ ही दो कंडक्टर, वीरेंद्र कुमार और संतोष कुमार को हिरासत में ले लिया गया है। उनसे घटना के विस्तृत कारणों और चालक की लापरवाही के बारे में पूछताछ की जा रही है।
यह दुखद दुर्घटना राष्ट्रीय राजमार्गों पर सुरक्षा मानकों, वाहन रखरखाव और तेज रफ्तार से गाड़ी चलाने जैसे गंभीर मुद्दों पर फिर से बहस छेड़ती है। प्रशासन अब इस बात की भी गहन जांच कर रहा है कि क्या बस की तकनीकी खराबी का दावा सही है या यह पूरी तरह से चालक की लापरवाही का नतीजा था। सिमरी थानाध्यक्ष ने आश्वासन दिया है कि मामले में सभी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करते हुए सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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इस प्रकार की घटनाओं से अतिक्रमण हटाओ अभियानों के दौरान सुरक्षाकर्मियों की सुरक्षा पर भी महत्वपूर्ण सवाल खड़े होते हैं। अधिकारियों का कहना है कि भविष्य में ऐसे अभियानों के लिए और अधिक प्रभावी सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू किए जाएंगे ताकि ऐसी अनहोनी घटनाओं को रोका जा सके। घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की जा रही है और प्रशासन उनकी हरसंभव मदद कर रहा है।







