Darbhanga News: बिहार के दरभंगा में स्थित महर्षि वाल्मीकि संस्कृत विश्वविद्यालय ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए रिकॉर्ड समय में विभिन्न पाठ्यक्रमों के परीक्षा परिणाम जारी कर दिए हैं। विश्वविद्यालय ने आचार्य, शास्त्री और उपशास्त्री के विभिन्न सत्रों के नतीजे लगभग एक महीने के भीतर घोषित कर दिए हैं, जो शैक्षणिक सत्र को नियमित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
इस त्वरित परिणाम घोषणा से कुलपति प्रोफेसर लक्ष्मीनिवास पांडेय बेहद प्रसन्न हैं। उन्होंने अपने कार्यालय में परिणाम जारी करते हुए विश्वविद्यालय के सभी कर्मचारियों को इस कार्य के लिए साधुवाद दिया। विश्वविद्यालय के पीआरओ डॉ. निशिकांत ने बताया कि आचार्य, शास्त्री और उपशास्त्री में औसतन 89 प्रतिशत छात्र-छात्राएं सफल हुए हैं।
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रिकॉर्ड समय में परिणाम, कुलपति ने सराहा
आचार्य के तीनों सेमेस्टर में कुल 732 छात्र सफल हुए हैं, जबकि शास्त्री के तीनों सेमेस्टर में 3292 छात्रों ने परीक्षा उत्तीर्ण की है। ये परीक्षाएं 16 मई तक दो पालियों में आयोजित की गई थीं और मूल्यांकन कार्य 30 मई तक पूरा कर लिया गया था, जिसके बाद इतनी जल्दी परिणाम जारी किए गए।
जिन परीक्षाओं के परिणाम घोषित हुए हैं उनमें आचार्य प्रथम सेमेस्टर सत्र 2025-27, आचार्य द्वितीय सेमेस्टर सत्र 2023-25, आचार्य चतुर्थ सेमेस्टर सत्र 2022-24, शास्त्री चतुर्थ सेमेस्टर सत्र 2023-27, शास्त्री द्वितीय सेमेस्टर सत्र 2024-28, शास्त्री प्रथम सेमेस्टर सत्र 2025-29 और उपशास्त्री सत्र 2024-26 शामिल हैं।
छात्रों को तत्काल मिलेगा ऑनलाइन नामांकन का लाभ
परिणाम घोषित होते ही छात्रों को तत्काल आगे की कक्षाओं में ऑनलाइन नामांकन का अवसर मिल गया है। उपशास्त्री के सफल छात्र ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से अपनी अंक पत्र की वेब कॉपी डाउनलोड कर सकते हैं। इस वेब अंक पत्र का उपयोग कर छात्र शास्त्री कक्षा में प्रवेश के लिए आवेदन कर सकते हैं।
शास्त्री एवं आचार्य कक्षाओं में प्रवेश के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 28 जून निर्धारित की गई है। इस दौरान, आचार्य द्वितीय सेमेस्टर सत्र 2024-26 की परीक्षा विश्वविद्यालय मुख्यालय के शिक्षाशास्त्र विभाग में 23 से 25 जून तक आयोजित होगी, जिसके लिए प्रवेश पत्र वेबसाइट से डाउनलोड किए जा सकते हैं।
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आगामी परीक्षाओं की भी घोषणा
इसके अलावा, शिक्षाशास्त्री प्रथम एवं द्वितीय वर्ष की परीक्षाएं 28 जून से 3 जुलाई तक संचालित होंगी। परिणाम घोषित करने के अवसर पर डीन प्रो. पुरेंद्र वारिक, कुलसचिव डॉ. दिनेश झा, वित्त पदाधिकारी डॉ. पवन कुमार झा, परीक्षा नियंत्रक डॉ. निहार रंजन सिन्हा, ओएसडी (शैक्षणिक) डॉ. रामसेवक झा, पूर्व डीन डॉ. शिवलोचन झा, डॉ. संतोष पासवान, प्रशाखा पदाधिकारी सुनील सिंह, संतोष तिवारी सहित कई अन्य कर्मी उपस्थित थे। विश्वविद्यालय का यह प्रयास छात्रों के भविष्य के लिए एक सकारात्मक कदम है।







