Bihar Development News: बिहार में सुशासन और विकास के एजेंडे को आगे बढ़ाते हुए उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बिहार के सीवान और कैमूर जिलों में आयोजित ‘सहयोग शिविर’ कार्यक्रमों में महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने इन जिलों के लिए करोड़ों रुपये की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया, साथ ही अधिकारियों को जनसमस्याओं के त्वरित समाधान के निर्देश दिए।
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करोड़ों की विकास परियोजनाओं से चमकेगा सीवान-कैमूर
उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सीवान में 180 करोड़ रुपये की 38 विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इसी तरह कैमूर जिले में 196.06 करोड़ रुपये की 60 परियोजनाओं की सौगात दी गई। सरकार का मानना है कि इन परियोजनाओं से क्षेत्र में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार होगा और स्थानीय लोगों को बेहतर सेवाएं मिलेंगी। इन योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास रिमोट के माध्यम से संपन्न हुआ।
जनता की समस्याओं का 90% समाधान, बड़े लक्ष्य तय
सहयोग शिविरों के माध्यम से सरकार ने जनसमस्याओं के समाधान में तेजी लाई है। अब तक प्राप्त 3.03 लाख आवेदनों में से 2.61 लाख का निपटारा किया जा चुका है, जो लगभग 90 प्रतिशत की उपलब्धि है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनता से जुड़े मामलों में अनावश्यक देरी न हो और सभी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचे। उन्होंने आने वाले वर्षों में 25 लाख दलित परिवारों के घरों पर सोलर बिजली प्रणाली लगाने की योजना का भी जिक्र किया। वर्ष 2030 तक एक करोड़ लोगों को नौकरी और रोजगार उपलब्ध कराने का लक्ष्य भी निर्धारित किया गया है।
पर्यटन और रोजगार पर भी सरकार का फोकस
सम्राट चौधरी ने सिवान में चीनी मिल स्थापित करने की दिशा में पहल का उल्लेख किया और स्वास्थ्य सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण पर जोर दिया। कैमूर दौरे के दौरान उन्होंने मां मुंडेश्वरी धाम के जीर्णोद्धार पर विशेष बल दिया। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए रोपवे निर्माण की योजना पर काम होगा, साथ ही क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए हेलीकॉप्टर सेवा शुरू करने की भी पहल की जाएगी। उन्होंने हजारों वर्ष पुरानी इस धाम में पूजा-अर्चना कर बिहार की सुख-समृद्धि की कामना की।
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बिहार सरकार का यह ‘सहयोग शिविर’ कार्यक्रम अंतिम व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं और सेवाओं को पहुंचाने का एक प्रभावी माध्यम साबित हो रहा है। आने वाले समय में इन विकास परियोजनाओं और रोजगार के अवसरों से राज्य के आर्थिक और सामाजिक परिदृश्य में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं, जिससे प्रदेश के लोगों का जीवन स्तर बेहतर होगा।







