
Darbhanga Police News: न्याय की चौखट पर जब खुद व्यवस्था लड़खड़ाए, तो आम जनमानस का भरोसा डगमगाना स्वाभाविक है। बिहार के दरभंगा में ऐसा ही एक मामला सामने आया है, जहाँ वरीय पुलिस अधीक्षक के अचानक निरीक्षण में महिला थाना की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठ खड़े हुए हैं।
Darbhanga Police News: महिला थाने का ‘राज’ खुला, SP के निरीक्षण में सामने आईं हैरान करने वाली खामियां!
Darbhanga Police News: SP के तेवर और महिला थाने की लापरवाही
दरभंगा के वरीय पुलिस अधीक्षक जगुनाथ रेड्डी ने 8 जनवरी, 2026 को महिला थाना का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने थाने में संधारित विभिन्न महत्वपूर्ण पंजियों, जैसे हाजत पंजी, गिरफ्तारी पंजी, खतियान, निर्गत पंजी, प्राप्ति पंजी, जेल से छूटे हुए अपराधियों की पंजी, केस डिस्पोजल, दैनिकी पंजी और अपराध अनुसंधान पंजी सहित अन्य अभिलेखों की गहन जांच की। निरीक्षण के दौरान सामने आई तस्वीर चौंकाने वाली थी और पुलिस प्रशासन में लापरवाही की कलई खोलती नजर आई।
अधीक्षक को निरीक्षण के क्रम में एक भी पंजी अद्यतन नहीं मिली। यह तब हुआ जब सभी पंजियों को निर्धारित तिथि तक अद्यतन करने के स्पष्ट निर्देश पहले ही जारी किए गए थे। इस गंभीर लापरवाही के चलते, आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। महिला थानाध्यक्ष से विभाग द्वारा स्पष्टीकरण की मांग की गई है। इसके अतिरिक्त, पु0नि0 सत्येन्द्र कुमार (प्रभारी विधि व्यवस्था शाखा), जिन्हें थाना अभिलेखों के संधारण की जिम्मेदारी दी गई थी, वे भी अपने कर्तव्य में विफल पाए गए, जिसके लिए उनसे भी स्पष्टीकरण मांगा गया है।
निरीक्षण में सिर्फ पंजी ही नहीं, बल्कि कांडों के निष्पादन में भी कोताही सामने आई। महिला थाना कांड संख्या-169/25 में लापरवाही बरतने के आरोप में पु0अ0नि0 नीलम कुमारी से भी विभागीय कार्रवाई के विरुद्ध स्पष्टीकरण मांगा गया है। इस पूरे प्रकरण ने थाने में थाना रिकॉर्ड के रखरखाव और कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिया है।
निरीक्षण के बाद, वरीय पुलिस अधीक्षक ने वहाँ उपस्थित सभी पुलिस पदाधिकारियों को कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए, जिनमें शामिल हैं:
- सभी प्रकार की पंजियों को त्वरित गति से अद्यतन करने का निर्देश।
- लंबित कांडों का अविलंब निष्पादन सुनिश्चित करने के निर्देश।
- अपराधों में नामजद अभियुक्तों की त्वरित गिरफ्तारी हेतु दिशा-निर्देश।
- जिले में विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए विशेष दिशा-निर्देश।
- थाने में लंबित कांडों की समीक्षा की गई और उनके अनुपालन हेतु कतिपय निर्देश दिए गए।
अधीक्षक की सख्त हिदायत: समय पर तामिला और जन-जागरूकता
PC (पेंडिंग केस) की समीक्षा के दौरान, समन, BW (बेल वारंट), NBW (नॉन-बेल वारंट), इश्तिहार और कुर्की पंजियों की बारीकी से जांच की गई। अधीक्षक ने लंबित समन, BW, NBW का प्राप्ति के 15 दिनों के भीतर और इश्तिहार तथा कुर्की का प्राप्ति के 3 दिनों के अंदर तामिला सुनिश्चित करने का सख्त निर्देश दिया। थाने में साफ-सफाई और सुव्यवस्थित ढंग से रख-रखाव हेतु भी दिशा-निर्देश जारी किए गए, साथ ही हाजत सुरक्षा का निरीक्षण कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
इसके अतिरिक्त, महिला एवं बच्चों से संबंधित अपराधों के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए विभिन्न तरह के जागरूकता अभियान चलाने का भी निर्देश दिया गया, ताकि समाज में अपराधों को रोका जा सके और पीड़ितों को न्याय मिल सके। इस कार्यवाही से यह स्पष्ट हो गया है कि प्रशासन लापरवाही को बर्दाश्त नहीं करेगा और सभी को अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन ईमानदारी से करना होगा। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें




