
Darbhanga Businessman Death: दरभंगा के एक होटल में कारोबारी का शव मिलने से सनसनी फैल गई है। यह मामला होटल प्रबंधन की लापरवाही और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। आखिर दो दिनों तक बंद कमरे से कोई खबर क्यों नहीं आई?
नारायण होटल में दरभंगा व्यवसायी की मौत और सनसनी
जानकारी के अनुसार, यह घटना विश्वविद्यालय थाना क्षेत्र के दरभंगा रेलवे स्टेशन के पास स्थित नारायण होटल की है। शुक्रवार शाम होटल स्टाफ को एक कमरे से दुर्गंध आने पर शक हुआ। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। कमरे का दरवाजा खटखटाया गया, लेकिन अंदर से कोई जवाब नहीं आया, जिसके बाद दरवाजा तोड़ दिया गया। कमरे के अंदर बाथरूम में 35 वर्षीय संजय प्रसाद अग्रवाल का शव मृत अवस्था में मिला। इस दरभंगा व्यवसायी की मौत से क्षेत्र में सनसनी फैल गई है। संजय अग्रवाल मूल रूप से सुपौल जिले के गुजरी बाजार के निवासी थे और 15 अप्रैल को इस होटल में ठहरे थे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
संदिग्ध मौत: क्या है पुलिस की शुरुआती जांच?
विश्वविद्यालय थाना अध्यक्ष सुधीर कुमार ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और एफएसएल टीम को भी बुलाया गया। घटनास्थल से महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए गए हैं, और वीडियोग्राफी-फोटोग्राफी भी कराई गई है। पुलिस के अनुसार, प्रथम दृष्टया यह जहरीला पदार्थ खाने से हुई मौत का मामला लग रहा है, हालांकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत का सही कारण स्पष्ट हो पाएगा। परिजनों को घटना की सूचना दे दी गई है, और वे दरभंगा के लिए रवाना हो चुके हैं। इस संदिग्ध मौत की गुत्थी सुलझाने के लिए पुलिस गहन जांच कर रही है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
होटल प्रबंधन की लापरवाही पर उठे गंभीर सवाल
इस घटना ने होटल नारायण की कार्यप्रणाली पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। व्यवसायी संजय अग्रवाल 15 अप्रैल को होटल में रुके थे, और दो दिनों तक उन्हें कमरे से बाहर आते-जाते नहीं देखा गया। हैरत की बात यह है कि दो दिनों तक कमरा बंद रहने और किसी को नजर न आने के बावजूद होटल स्टाफ को इसकी भनक तक नहीं लगी। इससे साफ पता चलता है कि न तो नियमित रूप से कमरों की सफाई की जा रही थी और न ही मेहमानों की गतिविधियों पर ध्यान दिया जा रहा था। नियमानुसार, होटलों को अपने यहां रुके मेहमानों की जानकारी रोजाना स्थानीय थाने को देनी होती है, लेकिन इस मामले में ऐसा न होने से होटल की लापरवाही स्पष्ट दिख रही है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।







