

Maternal Death: जिस घर में किलकारियां गूंजनी थीं, वहां अब सिसकियां गूंज रही हैं। खुशियों की शहनाई मातम में बदल गई, जब दरभंगा के केवटी में एक नवजात को जन्म देने के बाद एक माँ ने हमेशा के लिए आंखें मूंद लीं। यह दुखद घटना बुधवार को थाना क्षेत्र के दड़िमा चौक स्थित एक निजी अस्पताल में हुई, जहां प्रसव के दौरान महिला की मौत हो गई।
मृतक महिला की पहचान पैगंबरपुर गांव निवासी चंदन यादव की 30 वर्षीय पत्नी सीमा देवी के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, प्रसव पीड़ा होने पर परिजनों ने सीमा देवी को मंगलवार की रात दड़िमा पोखर चौक स्थित निजी अस्पताल में भर्ती कराया था। यहां ऑपरेशन से उन्होंने एक स्वस्थ बच्ची को जन्म दिया, लेकिन इसके तुरंत बाद उनकी हालत तेजी से बिगड़ने लगी।
क्या चिकित्सीय लापरवाही बनी Maternal Death की वजह?
महिला की मौत से गुस्साए परिजनों और स्थानीय लोगों ने अस्पताल पर गंभीर आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। उनका सीधा आरोप था कि अस्पताल प्रबंधन की तरफ से चिकित्सीय लापरवाही की गई, जिसके कारण सीमा की जान चली गई। आक्रोशित भीड़ ने दड़िमा चौक के पास दरभंगा-जयनगर एनएच 527 बी को जाम कर दिया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। सूचना मिलते ही केवटी थानाध्यक्ष सदन राम अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और नाराज लोगों को समझा-बुझाकर मामला शांत कराया, जिसके बाद जाम हट सका। इस दौरान एनएच पर करीब 15 मिनट तक यातायात बाधित रहा।
परिजनों ने बताया कि जब सीमा की हालत गंभीर होने लगी तो अस्पताल ने अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ते हुए उन्हें दरभंगा रेफर कर दिया। इसी दौरान रास्ते में ही महिला ने दम तोड़ दिया। जब उन्हें दरभंगा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (DMCH) ले जाया गया, तो डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
शादी की शहनाई के बीच पसरा मातम
इस घटना ने परिवार पर दुखों का पहाड़ तोड़ दिया है। सबसे दुखद यह है कि जिस रात यह हादसा हुआ, उसी रात घर में चंदन यादव के चचेरे भाई की बेटी की शादी होनी थी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। जिस आंगन में शादी की शहनाई गूंजनी थी, वहां अब मातम पसरा हुआ है। हालांकि, विवाह की सभी तैयारियां पूरी हो चुकी थीं, इसलिए परिवार ने शादी की रस्म को दूसरे स्थान पर स्थानांतरित कर पूरा करने का फैसला किया। मृतक सीमा देवी का एक दो साल का बेटा भी है, जिसके सिर से अब माँ का साया उठ गया है।





