
Dr. Sumandeep Kaur: दिल्ली से बिहार का सफर! एक ऐसी प्रोफेसर जो शोध में पीएचडी हैं, अब ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के भौतिकी विभाग में अपनी सेवाएं देंगी। सीएम साइंस कॉलेज से स्थानांतरण के बाद डॉ. सुमनदीप कौर ने एलएनएमयू के स्नातकोत्तर भौतिकी विभाग में विभागाध्यक्ष के समक्ष अपना योगदान प्रस्तुत किया है।
विभाग ने किया डॉ. कौर का भव्य स्वागत
इस अवसर पर भौतिक विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. मो. नौशाद आलम, प्रो. अरुण कुमार सिंह, प्रो. सुरेंद्र कुमार, डॉ. दीपक कुमार तथा डॉ. पूजा अग्रवाल सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। विभागीय शिक्षकों, कर्मचारियों और छात्र-छात्राओं ने डॉ. कौर का गर्मजोशी से स्वागत किया। प्रो. आलम ने डॉ. कौर का स्वागत करते हुए कुलपति के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय ने हमारे विभाग को एक बेहतरीन शिक्षिका दी है, जिससे हम सभी बेहद प्रसन्न हैं। उनके आने से विभाग और छात्र-छात्राओं को निश्चय ही काफी लाभ होगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
Dr. Sumandeep Kaur की अकादमिक और शोध उपलब्धियां
डॉ. कौर ने अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय के एक प्रीमियर कॉलेज से यहां आकर और भी अच्छा महसूस हो रहा है। मेरी विशेष रुचि शोध-कार्य में रही है, और मुझे विश्वास है कि यहां मुझे इसके लिए और अधिक अवसर मिलेंगे। गौरतलब है कि डॉ. कौर ने बी.एससी. और एम.एससी. की पढ़ाई दिल्ली विश्वविद्यालय से पूरी की है। जेआरएफ क्वालीफाई करने के बाद उन्होंने दिल्ली टेक्नोलॉजी विश्वविद्यालय, दिल्ली से पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। उनकी अकादमिक यात्रा बेहद प्रभावशाली रही है। अब तक उनके 51 शोध आलेख प्रतिष्ठित पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुके हैं। इसके अतिरिक्त, उन्होंने 25 से अधिक सेमिनारों और कार्यशालाओं में अपने शोध-पत्र प्रस्तुत किए हैं। वर्ष 2017 से 2025 तक, उन्हें लगातार आठ बार शोध-कार्य के लिए दिल्ली टेक्नोलॉजिकल विश्वविद्यालय, दिल्ली द्वारा पुरस्कृत किया जा चुका है। LED के क्षेत्र में भारत सरकार द्वारा उन्हें एक पेटेंट भी प्राप्त है, जो उनकी उत्कृष्ट शोध क्षमताओं का प्रमाण है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। यह उम्मीद की जा रही है कि डॉ. कौर की उपस्थिति से एलएनएमयू के भौतिकी विभाग को न केवल शैक्षणिक स्तर पर बल्कि शोध के क्षेत्र में भी नई दिशा मिलेगी।
डॉ. सुमनदीप कौर जैसी अनुभवी और शोध-उन्मुख शिक्षिका का एलएनएमयू परिवार में शामिल होना विश्वविद्यालय के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उनकी विशेषज्ञता से छात्रों को आधुनिक भौतिकी के साथ-साथ शोध के गुर सीखने का मौका मिलेगा, जिससे विश्वविद्यालय का नाम और ऊंचा होगा। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें







