
शंकर चौधरी, कुशेश्वरस्थान, दरभंगा। दरभंगा जिले के कुशेश्वरस्थान प्रखंड के सतीघाट स्थित राजकीय नंद उच्च विद्यालय परिसर में शुक्रवार को दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजना के तहत रोजगार सह मार्गदर्शन मेले का आयोजन किया गया। लंबे समय के अंतराल के बाद यह मेले आयोजित हुआ और युवाओं में रोजगार और प्रशिक्षण के अवसरों को लेकर खासा उत्साह देखा गया। सुबह से ही विद्यालय परिसर में भारी भीड़ उमड़ पड़ी और सभी ने रोजगार व स्वरोजगार के अवसरों के प्रति गहरी दिलचस्पी दिखाई।
कार्यक्रम का शुभारंभ और उद्घाटन
कार्यक्रम की शुरुआत स्वागत-गान और राष्ट्रगान के साथ हुई। इसके बाद जिला परियोजना प्रबंधक डॉ. ऋचा गार्गी, प्रखंड प्रमुख हीरा सिंह, प्रखंड विकास पदाधिकारी ललन कुमार चौधरी, सांसद प्रतिनिधि मणिकांत झा, रोजगार प्रबंधक राहुल कुमार बिल्टू, जीविका के वरिष्ठ पदाधिकारी सुबीर झा और बीपीएम संजिव कुमार शर्मा ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर मेले का उद्घाटन किया।
उद्घाटन के बाद अतिथियों ने विभिन्न स्टॉलों का अवलोकन किया और युवाओं के साथ संवाद किया।
डॉ. ऋचा गार्गी ने कहा –
यह आयोजन जीविका दीदियों की मेहनत और लगन का परिणाम है। उन्होंने बताया कि जीविका ने विभिन्न कंपनियों को एक मंच पर लाकर युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर सृजित किए हैं। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे इस अवसर का अधिकतम लाभ उठाएं और अपने साथियों को भी प्रेरित करें।
बीडीओ ललन कुमार चौधरी ने कहा –
जीविका दीदियों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि जीविका न केवल महिलाओं को आत्मनिर्भर बना रही है बल्कि सरकारी योजनाओं को धरातल पर उतारने में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रही है। प्रखंड प्रमुख हीरा सिंह ने युवाओं को अपने कौशल को निखारने और प्रशिक्षण प्राप्त कर रोजगार व उद्यमिता की दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।
बीपीएम संजिव कुमार शर्मा ने कहा –
जीविका के सतत प्रयासों से महिलाएं और युवा दोनों ही आत्मनिर्भर बन रहे हैं, जबकि संचार प्रबंधक ने मेले को रोजगार के साथ-साथ स्वरोजगार का मार्ग प्रशस्त करने वाला ठोस कदम बताया।
मेले की उपलब्धियां
इस रोजगार मेले में कुल 531 युवाओं ने निबंधन कराया, जिनमें से:
206 युवाओं का सीधे भर्ती हेतु चयन हुआ,
75 युवाओं को कौशल प्रशिक्षण हेतु चुना गया,
और 70 युवाओं ने स्वरोजगार प्रशिक्षण के लिए आवेदन किया।
विशेष रूप से दिव्यांग युवाओं ने भी सक्रिय भागीदारी निभाई और विभिन्न कंपनियों में आवेदन किया।
मेले में कुल 14 कंपनियों ने अपने-अपने स्टॉल लगाए, जहां युवाओं को विभिन्न रोजगार अवसरों, तकनीकी प्रशिक्षण और भविष्य की संभावनाओं की जानकारी दी गई। साथ ही, स्वास्थ्य विभाग की ओर से आयुष्मान कार्ड पंजीकरण हेतु विशेष स्टॉल लगाया गया, जहां कई लोगों ने कार्ड बनवाने हेतु आवेदन किया।
मेले में मौजूद अधिकारी और जीविका दीदियां
कार्यक्रम स्थल पर उपस्थित थे:
सुबीर झा, आशीष कुमार, ब्रजेश कुमार, बीपीएम अमोद शर्मा, मनीष कुमार,
प्रखंड कार्यालय से क्षेत्रीय समन्वयक रोहिणी चौधरी, शंभू झा, सुजित शर्मा, गोपाल कुमार, खेलन मंडल, लेखापाल राम सकल महतो, अमित रंजन, मणिशंकर रजक,
और विभिन्न कैडर सदस्य सलोनी, मनीषा, सुनील, मीरा, सनम, पूजा, पिंकी, बबलू, आदर्श, अमोद व संतोष पासवान।
जीविका दीदियों की उपस्थिति और सक्रिय भागीदारी ने कार्यक्रम को और भी जीवंत बना दिया।
स्वरोजगार की दिशा में बढ़ना चाहिए आगे
यह रोजगार मेले ने स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और प्रशिक्षण के नए दरवाजे खोले हैं और स्थानीय स्तर पर अवसर सृजन का सफल प्रयास साबित हुआ है।
युवाओं को इस मौके का लाभ उठाकर स्वरोजगार और कौशल विकास की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए।
कार्यक्रम ने यह भी दिखाया कि सक्रिय सरकारी प्रयास और सामुदायिक भागीदारी मिलकर ग्रामीण युवाओं को रोजगार की ओर प्रेरित कर सकती है।