
Bihar Board 10th Result: जैसे सोना तपकर कुंदन बनता है, वैसे ही बिरौल की धरती पर प्रतिभाएं ‘गुरुकुल’ की आग में तपकर चमक रही हैं। सुपौल बाजार डुमरी रोड पर स्थित गुरुकुल क्लासेस ने 10वीं बिहार बोर्ड परीक्षा के नतीजों में एक बार फिर अपनी शैक्षणिक उत्कृष्टता का लोहा मनवाया है। पिछले 13 वर्षों से ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा की अलख जगा रहे इस संस्थान के सैकड़ों छात्र-छात्राओं ने प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण होकर सफलता का नया कीर्तिमान स्थापित किया है।
Bihar Board 10th Result में गुरुकुल का दबदबा, हरिओम बने टॉपर
संस्थान के होनहार छात्र हरिओम कुमार झा ने 468 अंक हासिल कर न केवल संस्थान में प्रथम स्थान प्राप्त किया, बल्कि पूरे दरभंगा जिले में आठवां स्थान हासिल कर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। हरिओम बिरौल प्रखंड के समहौती गांव के रहने वाले हैं। उनके पिता, श्री मुकेश झा, एक साधारण किसान हैं और उनकी माता, श्रीमती रानी देवी, एक कुशल गृहिणी हैं। सीमित संसाधनों के बीच हरिओम की यह शानदार सफलता इस बात का प्रमाण है कि सच्ची लगन और सही मार्गदर्शन से कोई भी मंजिल हासिल की जा सकती है। यह सफलता उन हजारों छात्रों के लिए प्रेरणा है जो विपरीत परिस्थितियों में बड़े सपने देखते हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
सैकड़ों छात्रों ने लहराया प्रथम श्रेणी का परचम
हरिओम की सफलता के साथ-साथ संस्थान के अन्य छात्रों ने भी उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। गुरुकुल क्लासेस ने दिखाया है कि कैसे सही दिशा-निर्देश देकर ग्रामीण प्रतिभा को निखारा जा सकता है। संस्थान के कई छात्रों ने 400 से अधिक अंक प्राप्त कर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
- हरिओम झा (468)
- आदित्य कुमार राय (463)
- दिलदार (453)
- राजा चौपाल (451)
- श्वेता कुमारी (438)
- दिव्या कुमारी (436)
- कन्हैया साहू (434)
- राम नरेश मुखिया (430)
- माधव कुमार (410)
- किशोर कुणाल (408)
- अनुभव कुमार (406)
- जिया रॉय (404)
इनके अलावा भी दर्जनों छात्रों ने 300 से अधिक अंक लाकर प्रथम श्रेणी हासिल की है, जो संस्थान की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रणाली को दर्शाता है।
सफलता पर समाजसेवियों और शिक्षाविदों ने दी बधाई
इस शानदार परिणाम पर भाजपा दरभंगा जिला महामंत्री और समाजसेवी श्री संजय कुमार सिंह उर्फ पप्पू सिंह ने सभी सफल छात्र-छात्राओं को मिठाई खिलाकर उनका उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा, “गुरुकुल क्लासेस आज सिर्फ एक कोचिंग संस्थान नहीं, बल्कि ग्रामीण क्षेत्र में शिक्षा का एक मजबूत स्तंभ बन चुका है। यहां बच्चों को शिक्षा के साथ अनुशासन और संस्कार भी दिए जाते हैं।” उन्होंने आगे कहा कि यह उत्कृष्ट परिणाम साबित करता है कि गांव के बच्चे भी सही मार्गदर्शन मिलने पर बड़े मुकाम हासिल कर सकते हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।इस अवसर पर प्रथम हॉस्पिटल के संस्थापक डॉ. राजेश झा ने कहा, “गुरुकुल क्लासेस ने ग्रामीण प्रतिभाओं को नई पहचान देकर शिक्षा के क्षेत्र में एक मिसाल कायम की है।” वहीं, श्री कृष्णा आइडियल पब्लिक स्कूल के मैनेजिंग डायरेक्टर नवलेश चौधरी और दिल्ली पब्लिक स्कूल, कुशेश्वरस्थान के निदेशक मो. शमीम हैदर ने भी संस्थान को गुणवत्ता और अनुशासन का केंद्र बताते हुए इसकी सराहना की। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें https://deshajtimes.com/news/national/
संस्थान की गौरवशाली परंपरा
यह पहली बार नहीं है जब गुरुकुल क्लासेस ने ऐसा ऐतिहासिक परिणाम दिया है। संस्थान की सफलता की एक लंबी परंपरा रही है। इससे पहले, संस्थान के छात्र शिवम कुमार ने 470 अंक प्राप्त कर बिहार राज्य में 13वां स्थान हासिल किया था। वहीं, पिछले वर्ष गौतम कुमार राम ने भी 470 अंक प्राप्त कर संस्थान का नाम रोशन किया था। ये परिणाम संस्थान के निरंतर प्रयासों और गुणवत्ता के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। संस्थान ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों के सपनों को पंख देने का काम बखूबी कर रहा है।






