

बिरौल, देशज टाइम्स। स्थानीय प्रतिष्ठित जेके कॉलेज का लनामिवि के पदाधिकारियों की ओर से लगातार निरीक्षण का क्रम जारी है। यह तीसरा मौका है जब ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के पेंशन पदाधिकारी डॉ. सुरेश पासवान ने भी शुक्रवार को जेके कॉलेज का निरीक्षण किया है।
इससे पहले ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय की तत्कालीन प्रतिकुलपति डॉली सिन्हा ने गत बुधवार को जेके कॉलेज का निरीक्षण किया था। इस दौरान प्रतिकुलपति ने कॉलेज में पदस्थापित कर्मचारी की उपस्थिति पंजी, छात्रों की उपस्थिति पंजी, अन्य कार्यालय सम्बंधित कागज़ातों का अवलोकन किया था।
इसके बाद ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के डिप्टी रजिस्टार प्रथम डॉ.कामेश्वर पासवान ने शुक्रवार को जेके कॉलेज का निरीक्षण किया था। इस दौरान उन्होंने कॉलेज में पदस्थापित कर्मचारी की उपस्थिति पंजी, छात्रों की उपस्थिति पंजी, अन्य कार्यालय सम्बंधित कागजातों का अवलोकन किया था।
अब,यह तीसरा मौका है जब ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के पेंशन पदाधिकारी डॉ. सुरेश पासवान ने भी शुक्रवार को जेके कॉलेज का निरीक्षण किया है। सबसे खास बात यह रही कि तीनों ही निरीक्षण के दौरान जो समस्या सबसे अधिक विकट रूप में सामने आई वह थी शिक्षकों की कमी। इससे छात्रों ने अधिकारियों को अवगत कराया। वहीं, जल्द व्यवस्था का आश्वासन भी मिला।
जानकारी के अनुसार,पेंशन पदाधिकारी डॉ. सुरेश पासवान के निरीक्षण के दौरान उन्होंने कॉलेज में पदस्थापित कर्मचारी की उपस्थिति पंजी, छात्रों की उपस्थिति पंजी, लेखा पंजी अन्य कार्यालय सम्बंधित कागजातों का अवलोकन किया।
उन्होंने महाविद्यालय में पढ़ने वाले छात्रों के वर्ग कक्ष पहुंच कर पठन पाठन की व्यवस्था से अवगत हुए। इस दौरान कई छात्रों ने महाविद्यालय में शिक्षकों की कमी के बारे में जानकारी दी।
कई छात्रों ने बताया कि नियमित महाविद्यालय पहुंच रहे हैं, लेकिन शिक्षक नहीं होने से बिना पठन पाठन किये बगैर, बैरंग घर लौट जाना पड़ रहा है, जो इस कॉलेज में यह बड़ी जटिल हो गया है।
पेंशन अधिकारी ने महाविद्यालय के कामकाज से संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि शिक्षकों की कमी के बारे में विश्वविद्यालय प्रशासन को अवगत कराया जाएगा। वहीं, महाविद्यालय में खाली सृजित पदों पर बहाली होने के बाद शिक्षकों की कमी दूर हो जायेगी।
उन्होंने उपस्थित प्राचार्य डॉ.सूर्य नारायण पांडेय को महाविद्यालय परिसर बड़ा बड़ा जंगल हो जाने पर इसकी कटाई किये जाने की बात कही। मौके पर प्रो. डॉ. राज कुमार प्रसाद, एलडीसी आरके दीपक समेत शिक्षक एवं कर्मी मौजूद थे।



