Jale Flood News: दरभंगा जिले के जाले प्रखंड में संभावित बाढ़ और सुखाड़ की स्थिति से निपटने के लिए तैयारियों का जायजा लिया गया। शुक्रवार को प्रखंड मुख्यालय स्थित सूचना एवं प्रौद्योगिकी भवन के अंचल सभागार में राहत अनुश्रवण सह निगरानी समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य राहत व्यवस्था और राहत सामग्री वितरण की तैयारियों की समीक्षा करना था।
भीषण गर्मी के बावजूद, प्रमुख फूलो बैठा की अध्यक्षता और सीओ वत्सांक के संचालन में यह बैठक संपन्न हुई। बैठक में बीडीओ, एलईओ, बीपीआरओ, बीईओ, बीसीओ, बीएओ, आरओ, चिकित्सक, पशु चिकित्सक, बाढ़ प्रमंडल के जेई, बाल विकास परियोजना की पर्यवेक्षिका, पंचायत प्रतिनिधि और विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रखंड अध्यक्ष जैसे महत्वपूर्ण अधिकारी और प्रतिनिधि मौजूद रहे। हालांकि, पीएचईडी, विद्युत और सीडीपीओ सहित कुछ अन्य अधिकारी अनुपस्थित थे, जिस पर जनप्रतिनिधियों ने सवाल उठाए और कार्रवाई की मांग की।
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बाढ़ से निपटने के लिए संसाधनों की कमी
जाले अंचल अधिकारी वत्सांक ने बैठक में जानकारी दी कि प्रखंड में पहले से मौजूद 13 नावें जर्जर हो चुकी हैं। उन्होंने जिला प्रशासन से नई नावों की मांग की है ताकि बाढ़ की स्थिति में लोगों को सुरक्षित निकाला जा सके। इसके अलावा, चार गोताखोर और 20 आपदा मित्र चिन्हित किए गए हैं, जो किसी भी आपात स्थिति में सहायता प्रदान करेंगे।
अधिकारी ने बताया कि बाढ़ के दौरान विस्थापित लोगों के लिए 28 बाढ़ राहत शिविर भी चिन्हित किए गए हैं। इन शिविरों में सामुदायिक किचन की व्यवस्था भी रहेगी, जिससे लोगों को भोजन की समस्या न हो। यह तैयारी Darbhanga Disaster Management के तहत की जा रही है।
पशुओं के चारे और स्वास्थ्य की चिंता
बैठक में माले प्रखंड अध्यक्ष ललन पासवान ने बाढ़ के समय विस्थापित पशुओं के लिए चारे की उपलब्धता का मुद्दा उठाया। इस पर पशु चिकित्सक डॉ. शिवेन्द्र कुमार ने आश्वस्त किया कि पशु आश्रय स्थलों पर चारे और दवा की पर्याप्त व्यवस्था की जाएगी। इससे पशुधन को बाढ़ के प्रकोप से बचाने में मदद मिलेगी।
भाकपा के जैनुल हक और कांग्रेस के भूषण झा आजाद ने जलजमाव की स्थिति में विस्थापित लोगों के लिए स्वच्छ पेयजल और मच्छरजनित रोगों की रोकथाम संबंधी तैयारियों पर सवाल उठाए। अस्पताल के चिकित्सक ने बताया कि आवश्यक दवाएं पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं, लेकिन मच्छरजनित रोगों की रोकथाम के लिए ब्लीचिंग पाउडर और पेयजल शुद्धीकरण के लिए हैलोजन टैबलेट उपलब्ध नहीं हैं। सीओ वत्सांक ने संबंधित सामग्री की मांग का इंडेंट जिला को भेजने की बात कही।
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किसानों को राहत देने की मांग
बीडीओ मनोज कुमार ने संभावित राहत शिविरों के रूप में चिन्हित विद्यालयों की स्थिति का जायजा लिया। बीईओ प्रमोद कुमार ने बताया कि सभी विद्यालयों में पेयजल और शौचालय की व्यवस्था संतोषजनक है। भूषण आजाद ने असमय बारिश से गेहूं और मूंग की फसल को हुए नुकसान पर किसानों को सहयोग प्रदान करने की मांग की। उन्होंने सुखाड़ की स्थिति में किसानों को डीजल अनुदान और अनुदानित दर पर धान का बीज उपलब्ध कराने की भी मांग की।
इस पर बीएओ प्रेमनाथ सिंह ने बताया कि 15 जून के बाद बारिश का आकलन करने के उपरांत कृषकों को डीजल अनुदान दिया जाएगा। साथ ही, जल्द ही किसानों को बीज भी उपलब्ध हो जाएगा, जिसके लिए कृषकों को ऑनलाइन आवेदन करना होगा। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें जनप्रतिनिधियों ने बैठक में कई विभागीय पदाधिकारियों की अनुपस्थिति पर नाराजगी व्यक्त की और उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की।







