Jale Land Fraud: बिहार के जाले में जमीन से जुड़ा एक बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। काजी-बहेड़ा पंचायत के खोरिया टोल निवासी रमेश कुमार शर्मा ने एक ही जमीन को कई बार फर्जी तरीके से अलग-अलग व्यक्तियों के नाम रजिस्ट्री कराने का गंभीर आरोप लगाया है। इस मामले में पुलिस ने कुल 10 लोगों को नामजद करते हुए प्राथमिकी दर्ज कर ली है। शिकायत के बाद जाले थाना पुलिस ने मामले की गहन जांच शुरू कर दी है।
एक ही जमीन के कई दावेदार, पुलिस जांच में उलझा मामला
वादी रमेश कुमार शर्मा की शिकायत के अनुसार, खोरिया टोल निवासी शीला देवी, उनके पति लालबाबू ठाकुर और जिलोलिया देवी के पति चंद्रेश्वर ठाकुर ने मूल जमीन विक्रेता सैयद मोहम्मद अमानुल्लाह (महुली नानकार निवासी) से जमीन खरीदी थी। बाद में जिलोलिया देवी ने अपने हिस्से की यह जमीन रमेश कुमार शर्मा को बेच दी।

रमेश कुमार शर्मा ने अपनी शिकायत में रामश्रेष्ठ ठाकुर, उनकी पत्नी इंदू देवी, सैयद मोहम्मद अमानुल्लाह, शुभकला देवी, बिमला देवी और रामश्रेष्ठ ठाकुर की पौत्री सोनी देवी समेत 10 लोगों को नामजद किया है।
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि इस जमीन की दोबारा वर्ष 2025 में रामश्रेष्ठ ठाकुर ने अपनी पत्नी इंदू देवी और भाभी के नाम रजिस्ट्री करा दी। इसके बाद, वर्ष 2026 में रामश्रेष्ठ ठाकुर की पौत्री सोनी देवी ने सैयद मोहम्मद अमानुल्लाह के साथ मिलकर कथित तौर पर फर्जी कागजात तैयार किए और उसी जमीन पर फिर से दावा ठोक दिया।
धोखाधड़ी और जालसाजी का आरोप, 10 लोग नामजद
दर्ज प्राथमिकी में फर्जीवाड़ा, धोखाधड़ी और जालसाजी के माध्यम से जमीन हड़पने का प्रयास करने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। जाले थाना पुलिस ने इन आरोपों को गंभीरता से लेते हुए सभी नामजद आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। पुलिस अब इस पूरे मामले की विभिन्न पहलुओं से जांच कर रही है ताकि सच्चाई सामने आ सके और दोषियों पर कार्रवाई की जा सके। इस घटना से क्षेत्र में जमीन संबंधी विवादों को लेकर चिंता बढ़ गई है।

