जाले मौसम समाचार: प्रखंड क्षेत्र में अचानक बदले मौसम ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। नौतपा के बावजूद लगातार बारिश ने किसानों को सकते में डाल दिया है। खेतों में जलजमाव से धान की नर्सरी लगाना मुश्किल हो गया है, जिससे उनकी चिंताएं बढ़ गई हैं।
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किसान हुए परेशान: नौतपा में बारिश से धान की नर्सरी लगाना चुनौती
25 मई से 2 जून तक चलने वाले नौतपा में आमतौर पर तेज गर्मी पड़ती है, लेकिन इस बार लगातार बारिश ने किसानों को सकते में डाल दिया है। इलाके के किसान खरीफ की धान की नर्सरी नहीं लगा पा रहे हैं। उनका कहना है कि नौतपा को लेकर उन्होंने खेत की गहरी जुताई करवा कर खरपतवार सूखने के लिए छोड़ दिया था, लेकिन लगातार आंधी-बारिश के कारण खेतों में जलजमाव हो गया है।
खेतों में काफी मात्रा में खरपतवार उग आए हैं। अब धान की नर्सरी कदवा करके ही लगानी पड़ेगी, साथ ही खरपतवार नियंत्रण के लिए अतिरिक्त उपाय भी करने होंगे। यह किसानों के लिए एक बड़ी चुनौती बन गई है।
बदले मौसम का आम जनजीवन पर गहरा असर: बिजली कटौती और जलजमाव
अचानक बदले मौसम का असर सिर्फ किसानों पर ही नहीं, बल्कि आम जनजीवन पर भी पड़ा है। आसमान में लगातार बिजली कड़कने और विद्युत आपूर्ति ठप होने से दिन में भी संध्या का अहसास हो रहा है। लगातार बिजली कड़कने से वज्रपात का डर बना हुआ है, जिससे लोग घरों में दुबकने को मजबूर हैं।
बारिश के कारण जगह-जगह जलजमाव से यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है, जिससे आमजन बेहाल हैं। पूरा जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है और लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
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इस अप्रत्याशित मौसम परिवर्तन ने जाले प्रखंड में हर किसी को प्रभावित किया है। किसान से लेकर आम नागरिक तक, सभी को इस प्राकृतिक चुनौती से निपटने के लिए जूझना पड़ रहा है। प्रशासन को इस ओर ध्यान देने की आवश्यकता है ताकि लोगों को जल्द से जल्द राहत मिल सके।







