
JEE Main Result: दरभंगा के बिरौल अनुमंडल से एक ऐसी ख़बर आई है जो छात्रों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी। कड़ी मेहनत और लगन से कैसे सफलता के नए आयाम गढ़े जा सकते हैं, यह अनुराग कुमार चौधरी ने साबित कर दिखाया है। उन्होंने जेईई (मेन) 2026 परीक्षा में 99.79 परसेंटाइल हासिल कर पूरे अनुमंडल का नाम रोशन किया है।
एक साल की अतिरिक्त मेहनत लाई रंग
सुपौल बाजार, डुमरी रोड स्थित श्री कृष्णा आइडियल पब्लिक स्कूल के चेयरमैन गणेश चौधरी एवं सुनैना देवी के पौत्र तथा मैनेजिंग डायरेक्टर नवलेश कुमार चौधरी और कामिनी कुमारी के सुपुत्र अनुराग कुमार चौधरी ने जेईई (मेन) 2026 में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। आपको बता दें कि अनुराग अपने पिछले वर्ष के परिणाम 99.20 परसेंटाइल से पूरी तरह संतुष्ट नहीं थे। बेहतर रैंक और उच्च लक्ष्य प्राप्त करने के उद्देश्य से उन्होंने एक वर्ष अतिरिक्त समय लेकर निरंतर मेहनत, अनुशासन एवं समर्पण के साथ तैयारी की। उनकी यह कठोर साधना अब रंग लाई है और उन्होंने अखिल भारतीय स्तर पर (AIR) 2671 रैंक प्राप्त की है।
आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। यह सफलता उनके अटूट संकल्प, आत्मविश्वास एवं निरंतर प्रयास का प्रतिफल है। अनुराग प्रारंभ से ही मेधावी छात्र रहे हैं और उन्होंने अपनी पढ़ाई के प्रति समर्पण और लक्ष्य के प्रति दृढ़ता का परिचय देते हुए यह सिद्ध कर दिया कि कठिन परिश्रम और सही दिशा में किया गया प्रयास कभी व्यर्थ नहीं जाता।
सफलता के पीछे का संकल्प और लक्ष्य
अनुराग ने बताया कि उनका लक्ष्य आगे चलकर कंप्यूटर साइंस के क्षेत्र में उच्च शिक्षा प्राप्त कर सॉफ्टवेयर इंजीनियर बनना है। उनकी इस उपलब्धि पर माता कामिनी कुमारी ने भावुक होकर कहा, “अनुराग ने अपनी मेहनत और दृढ़ निश्चय से यह मुकाम हासिल किया। हमें अपने बेटे पर गर्व है।” पिता नवलेश कुमार चौधरी ने भी कहा कि यह अनुराग की लगन और कठिन परिश्रम का परिणाम है।
आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। इस ऐतिहासिक सफलता के बाद बिरौल अनुमंडल पदाधिकारी शशांक राज, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी प्रभाकर तिवारी समेत विद्यालय के प्राचार्य अचिंत्तय घोष, निदेशक बृजेश चौधरी, मैनेजर पुरुषोत्तम चौधरी, गुरुकुल क्लासेज के संस्थापक नटवर चौधरी, केशव चौधरी समेत अन्य शिक्षाविदों ने शुभकामनाएं व्यक्त की हैं। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
बिरौल के लिए प्रेरणास्रोत बना यह JEE Main Result
निश्चित रूप से अनुराग की यह उपलब्धि ग्रामीण क्षेत्र के प्रतिभाशाली छात्रों के लिए एक प्रेरणास्रोत साबित होगी। अनुराग चौधरी की यह कामयाबी दर्शाती है कि सही मार्गदर्शन और अथक प्रयास से किसी भी लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है। यह बिरौल अनुमंडल के युवा पीढ़ी के लिए एक मील का पत्थर है।








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