- Advertisement -
Jur Sital 2025…बासीक जल सुद्ध करैत अछि घर-आंगन, 14-15 अप्रैल — स्वास्थ्य, शुद्धता आ परंपराक संगम…@Darbhanga | 14 अप्रैल यानी आज सूर्य देव (Sun God) मीन राशि (Pisces Sign) को छोड़कर मेष राशि (Aries Sign) में प्रवेश करेंगे।
- Advertisement -
इसी खगोलीय घटना (Astronomical Event) के उपलक्ष्य में सतुआईन का पर्व मनाया जाता है। इस दिन पेड़-पौधों (Plants) को बासी जल (Stale Water) डालने की परंपरा है, जिससे उनकी ऊर्जा (Energy) को बढ़ाने की मान्यता है।
- Advertisement -
🔥 आज की सबसे ज्यादा पढ़ी गई खबरें
1 
बिहार में जमीन विवाद खत्म! 9 जिलों दरभंगा समेत पटना, मुजफ्फरपुर, सारण, भागलपुर, मुंगेर, पूर्णिया, गया और कोशी को मिले नए पीठासीन पदाधिकारी, अब तुरंत होगा निपटारा, जानें किसे मिलेगी बड़ी राहत!
2 
बिहार में शिक्षा क्रांति: 17 अगस्त से खुलेंगे 4 नए जमुई, नालंदा, कैमूर और मुजफ्फरपुर में अल्पसंख्यक आवासीय विद्यालय, हजारों छात्रों को मिलेगा फायदा! | जानिए – दरभंगा – किशनगंज की बड़ी भूमिका
3 
मोतिहारी में एक ही परिवार के 5 लोगों की पोखर में डूबने से मौत! मां और 4 मासूम बच्चों की लाश में छुपा राज, कैसे हुआ ये सब?
4 
पटना में भयानक मंजर बेकाबू भीड़ का तांडव आग और आगजनी : युवक की मौत से गुस्साई भीड़ का उग्र उत्पात, बड़ा बवाल, 3 पुलिस वाहन समेत कई गाड़ियां फूंकी| देखें तस्वीरें Live
5 
Bihar Farakka Treaty – 2026 में खत्म हो रही भारत-बांग्लादेश की ये डील, JDU के विरोध से क्यों मचा हंगामा?| बिहार पर क्या पड़ेगा गंभीर नकारात्मक असर?
6 
अगस्त 2026 का सूर्य ग्रहण 12 की रात से: जानिए – समय और भारत में क्यों नहीं लगेगा सूतक काल? | पढ़िए – आपकी राशियों पर क्या होगा इस ग्रहण का असर? क्या है खास!
जुड़ शीतल: बासी जल और भोजन की परंपरा
जुड़ शीतल (Joor Sheetal) के एक दिन पहले मिट्टी के घड़े (Earthen Pot) या शंख (Conch) में जल भरकर ढंककर रखा जाता है। फिर 15 अप्रैल की सुबह, पूरे घर में बासी जल के छींटे दिए जाते हैं।
- Advertisement -
मान्यता है कि इससे घर और आंगन (House and Courtyard) शुद्ध हो जाते हैं।
यह भी मान्यता है कि जब सूर्य मीन राशि छोड़ मेष राशि में प्रवेश करते हैं तो सूर्य और चंद्रमा (Sun and Moon) की किरणों से अमृतधारा (Nectar Showers) की वर्षा होती है।
यह जल स्वास्थ्य वर्धक (Health Beneficial) माना जाता है। इसी वजह से इस दिन बासी खाना (Stale Food Tradition) खाने की परंपरा भी प्रचलित है।
- Advertisement -