back to top
⮜ शहर चुनें
मार्च, 27, 2026
spot_img

Jur Sital 2025…बासीक जल सुद्ध करैत अछि घर-आंगन, 14-15 अप्रैल — स्वास्थ्य, शुद्धता आ परंपराक संगम

spot_img
- Advertisement -

Jur Sital 2025…बासीक जल सुद्ध करैत अछि घर-आंगन, 14-15 अप्रैल — स्वास्थ्य, शुद्धता आ परंपराक संगम…@Darbhanga | 14 अप्रैल यानी आज सूर्य देव (Sun God) मीन राशि (Pisces Sign) को छोड़कर मेष राशि (Aries Sign) में प्रवेश करेंगे।

- Advertisement -

इसी खगोलीय घटना (Astronomical Event) के उपलक्ष्य में सतुआईन का पर्व मनाया जाता है। इस दिन पेड़-पौधों (Plants) को बासी जल (Stale Water) डालने की परंपरा है, जिससे उनकी ऊर्जा (Energy) को बढ़ाने की मान्यता है।

- Advertisement -

जुड़ शीतल: बासी जल और भोजन की परंपरा

जुड़ शीतल (Joor Sheetal) के एक दिन पहले मिट्टी के घड़े (Earthen Pot) या शंख (Conch) में जल भरकर ढंककर रखा जाता है। फिर 15 अप्रैल की सुबह, पूरे घर में बासी जल के छींटे दिए जाते हैं।

- Advertisement -
यह भी पढ़ें:  Darbhanga News: बकरी चोरी में 'सिस्टम' का दबाव! ऑडियो वायरल, SSP जगुनाथ रेड्डी ने सिपाही को किया सस्पेंड, जानें पूरा मामला

मान्यता है कि इससे घर और आंगन (House and Courtyard) शुद्ध हो जाते हैं।

यह भी मान्यता है कि जब सूर्य मीन राशि छोड़ मेष राशि में प्रवेश करते हैं तो सूर्य और चंद्रमा (Sun and Moon) की किरणों से अमृतधारा (Nectar Showers) की वर्षा होती है।

यह जल स्वास्थ्य वर्धक (Health Beneficial) माना जाता है। इसी वजह से इस दिन बासी खाना (Stale Food Tradition) खाने की परंपरा भी प्रचलित है।

- Advertisement -

जरूर पढ़ें

Evin Lewis का यू-टर्न: संन्यास के बाद धमाकेदार वापसी, वेस्टइंडीज के टी20 धुरंधर ने लिया बड़ा फैसला!

Evin Lewis: क्रिकेट प्रेमियों, तैयार हो जाइए एक ऐसी खबर के लिए जिसने क्रिकेट...

iPhone यूजर्स के लिए बड़े अपडेट: WhatsApp Features से बदल जाएगा चैटिंग का अनुभव

WhatsApp Features: वॉट्सऐप ने हाल ही में अपने प्लेटफॉर्म पर कई महत्वपूर्ण अपडेट्स जारी...

सही Car Wash Tips: अपनी कार को नया जैसा कैसे रखें?

Car Wash Tips: हर गाड़ी मालिक अपनी कार को चमकदार और नया रखना चाहता...

Darbhanga News: मौसम की दोहरी मार से Agrarian Crisis, कमतौल के किसान बेहाल, कर्ज के बोझ तले दबे अन्नदाता की टूट रही कमर

Agrarian Crisis: आसमान की बेरुखी और धरती की बढ़ती लागत, अन्नदाता के लिए ये...
error: कॉपी नहीं, शेयर करें