spot_img

16 जनवरी से Darbhanga Court में जानिए क्या होने वाला है, हजारों लोगों की अटकी रहेंगी सांस?

सिविल कोर्ट में 1998 में हड़ताल हुआ था। जो लंबे समय तक चला था। 27 वर्ष बाद सिविल कोर्ट में तृतीय वर्गीय एवं चतुर्थ वर्गीय कर्मचारी हड़ताल पर जा रहे हैं।

spot_img
- Advertisement -

Report Prabhas Ranjan | दरभंगा (Darbhanga): दरभंगा न्यायालय के तृतीय एवं चतुर्थ वर्गीय कर्मचारी अपनी चार सूत्रीय मांगों (Four-Point Demands) को लेकर 16 जनवरी 2025 से अनिश्चितकालीन कलमबंद हड़ताल (Indefinite Pen-Down Strike) पर जाएंगे। इस हड़ताल का आह्वान बिहार राज्य व्यवहार न्यायालय कर्मचारी संघ, पटना (Bihar State Subordinate Courts Employees Association, Patna) द्वारा किया गया है।

- Advertisement -

हड़ताल का कारण और मांगें

बुधवार को सिविल कोर्ट परिसर में कर्मचारियों की एक बैठक आयोजित की गई, जिसमें निम्नलिखित मांगों पर चर्चा और सहमति बनी:

- Advertisement -
  1. शीघ्र पदोन्नति (Timely Promotions): सभी संवर्ग के कर्मचारियों की लंबित पदोन्नति को जल्द पूरा करना।
  2. वेतन विसंगतियों का समाधान (Resolution of Pay Disparities): वेतन में असमानता को दूर करना।
  3. शत-प्रतिशत अनुकंपा बहाली (100% Compassionate Appointments): अनुकंपा के आधार पर नियुक्तियों को सुनिश्चित करना।
  4. विशेष न्यायिक कैडर (Special Judicial Cadre): न्यायिक कैडर लागू करना।
यह भी पढ़ें:  Darbhanga News: सिंहवाड़ा में बहन के प्रेम विवाह से बौखलाया भाई, जीजा को घर से बुलाकर चाकुओं से गोदा, पढ़िए: Singhwara में मोहब्बत की कीमत और अंजाम खूनी

न्यायिक कार्य पर असर

हड़ताल के चलते सिविल कोर्ट दरभंगा, बेनीपुर और बिरौल (Benipur and Biraul Courts) के कामकाज पर गहरा असर पड़ेगा। अनुमान है कि पहले ही दिन लगभग 10,000 से अधिक केस (10,000+ Cases) प्रभावित होंगे।

- Advertisement -

कैंडल मार्च से प्रदर्शन

बुधवार शाम, कर्मचारियों ने अपनी मांगों के समर्थन में कैंडल मार्च (Candle March) का आयोजन किया। यह मार्च कोर्ट परिसर से लहेरियासराय टावर (Laheriasarai Tower) तक गया और फिर वापस कोर्ट परिसर लौटा।

प्रशासन को दी गई सूचना

हड़ताल की सूचना कर्मचारियों ने प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश (Principal District and Sessions Judge) को पहले ही दे दी है।

संभावित परिणाम

कर्मचारियों की हड़ताल का सीधा असर न्यायिक प्रक्रिया पर पड़ेगा, जिससे लंबित मामलों की संख्या बढ़ सकती है। कर्मचारियों का कहना है कि उनकी मांगें पूरी होने तक हड़ताल जारी रहेगी।

निष्कर्ष:
इस हड़ताल ने न्यायिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन को जल्द से जल्द समाधान निकालना होगा, वरना यह आंदोलन न्यायालयों के सुचारु संचालन को बाधित कर सकता है।

- Advertisement -

जरूर पढ़ें

PSL विवाद: फखर जमान पर बॉल टेंपरिंग का आरोप, वीडियो वायरल!

PSL: क्रिकेट के मैदान पर अक्सर रोमांचक मुकाबले देखने को मिलते हैं, लेकिन कई...

PSL Ball Tampering: पाकिस्तान क्रिकेट फिर बदनाम? फखर जमान समेत 3 खिलाड़ियों पर गंभीर आरोप!

PSL Ball Tampering: क्रिकेट जगत में एक बार फिर उस समय भूचाल आ गया,...

JEE Main 2026 सेशन 2 के एडमिट कार्ड जारी, जानें डाउनलोड प्रक्रिया

JEE Main: देश की सबसे बड़ी इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा जॉइंट एंट्रेंस एग्जामिनेशन (JEE Main)...

गर्मियों में अपनी कार को बचाएं: Summer Car Care Tips से मिलेगी बड़ी राहत

Summer Car Care Tips: गर्मी का मौसम आता है, तो हम अपनी यात्राओं की...