
बेनीपुर में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश शिव गोपाल मिश्र के निर्देश पर एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकार (DLSA) की सचिव आरती कुमारी के मार्गदर्शन में माधोपुर सामुदायिक भवन पर विधिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में कानूनी अधिकारों, नालसा योजनाओं और निःशुल्क विधिक सेवाओं के बारे में आमजन को जानकारी देना था।@सतीश चंद्र झा,बेनीपुर (दरभंगा), देशज टाइम्स।
कार्यक्रम की अध्यक्षता और प्रमुख वक्ता
कार्यक्रम की अध्यक्षता पैनल अधिवक्ता विनोद कुमार मिश्र ने की। उन्होंने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा, बच्चों की सुरक्षा और वृद्धजनों के अधिकारों के लिए कई सशक्त कानून बनाए गए हैं।
महिलाओं की सुरक्षा हेतु घरेलू हिंसा अधिनियम, दहेज प्रतिषेध अधिनियम और कामकाजी महिलाओं के लिए कार्यस्थल पर सुरक्षा कानून बनाए गए हैं।
महिलाओं के साथ क्रूरता के मामलों में भारतीय न्याय संहिता (Indian Penal Code – IPC) की धारा 85 के तहत तीन वर्ष कारावास और जुर्माने का प्रावधान है। बच्चों की सुरक्षा के लिए पोक्सो एक्ट जैसे कठोर कानून लागू किए गए हैं।
बच्चों और समाज के लिए अपील
विनोद कुमार मिश्र ने कहा कि अक्सर जानकारी के अभाव में पीड़ित न्याय पाने से वंचित रह जाते हैं। उन्होंने ग्रामीणों से बच्चों को शिक्षित करने, बाल विवाह जैसी कुप्रथाओं को रोकने, और महिलाओं के प्रति हिंसा को खत्म करने की अपील की।
उनका कहना था कि अगर समाज के हर नागरिक को कानूनी अधिकारों और सरकारी योजनाओं की जानकारी हो, तो न्याय सबके लिए सुलभ हो सकता है।
नालसा की योजनाओं की जानकारी
प्राधिकार सहायक कुमार गौरव ने कार्यक्रम में नालसा (NALSA – राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण) की विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बेनीपुर न्यायालय में फिलहाल राष्ट्र के लिए मध्यस्थता अभियान चलाया जा रहा है। इसके अलावा 13 सितंबर को राष्ट्रीय लोक अदालत (Lok Adalat) का आयोजन किया जाएगा, जिसमें छोटे-मोटे विवादों और लंबित मामलों का निःशुल्क समाधान होगा। नालसा का टोल-फ्री नंबर 15100 डायल करके कोई भी व्यक्ति निःशुल्क विधिक सेवाएं प्राप्त कर सकता है।
महिलाओं और बच्चों के अधिकारों पर फोकस
बैठक में विशेष रूप से महिलाओं, बच्चों और वृद्धजनों के अधिकारों की चर्चा हुई।महिलाओं को घरेलू हिंसा से सुरक्षा,बच्चों को यौन शोषण से बचाव, वृद्धजनों को देखभाल और सामाजिक सुरक्षा दिलाने से संबंधित कानूनों और प्रावधानों पर विस्तार से बताया गया।
उपस्थित गणमान्य लोग
इस अवसर पर पीएलवी महफूज आलम, जोगी लालदेव, सुरेश लालदेव, श्रवण राय, सुजीत कुमार देव सहित कई लोग मौजूद थे।
समाज को जागरूक और सशक्त बनाने की पहल
विधिक जागरूकता कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य यही था कि ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोग नालसा की योजनाओं, कानूनी अधिकारों, और निःशुल्क विधिक सहायता सेवाओं से अवगत हों। यह कार्यक्रम न सिर्फ न्याय तक पहुँच आसान बनाने की दिशा में कदम है, बल्कि समाज को जागरूक और सशक्त बनाने की पहल भी है।