लनामिवि सिंडिकेट बैठक: ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय, दरभंगा में कुलपति प्रो. संजय कुमार चौधरी की अध्यक्षता में हुई सिंडिकेट की महत्वपूर्ण बैठक में कई बड़े फैसले लिए गए। इन फैसलों से विश्वविद्यालय के शैक्षणिक और खेल संबंधी परिदृश्य में महत्वपूर्ण बदलाव आने की उम्मीद है।कुलपति के आवासीय सभाकक्ष में आयोजित इस हाइब्रिड बैठक में कुलसचिव डॉ. दिव्या रानी हंसदा सहित डॉ. हरि नारायण सिंह, डॉ. बैद्यनाथ चौधरी ‘बैजू’, प्रो. दिलीप कुमार चौधरी, प्रो. अशोक कुमार मेहता, प्रो. विजय कुमार यादव, डॉ. सविता वर्मा, डॉ. शिवानन्द झा एवं डॉ. अमर कुमार जैसे कई वरिष्ठ सदस्य ऑफ़लाइन माध्यम से जबकि मीणा झा, प्रो. नारायण झा एवं प्रो. विमल कुमार ऑनलाइन माध्यम से जुड़े। बैठक की शुरुआत में कुलपति ने स्नातकोत्तर कक्षाओं में एडमिशन से संबंधित पोर्टल का विधिवत शुभारंभ किया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। इस बैठक में विश्वविद्यालय के भविष्य के लिए कई महत्वपूर्ण रास्ते खोले गए।
लनामिवि सिंडिकेट बैठक: बिहार में खेल निदेशालय का नया युग
कुलपति ने बताया कि ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय, बिहार के पारंपरिक विश्वविद्यालयों में ‘खेल निदेशालय’ स्थापित करने वाला पहला विश्वविद्यालय है। इसके तहत पांच तरह के कोर्स चलाए जाएंगे। फिलहाल स्थानीय स्तर पर निदेशक की नियुक्ति हुई है, लेकिन दो साल बाद एनसीईटी के नियमानुसार 15 साल के अनुभव वाले पेशेवर निदेशक की नियुक्ति की जाएगी।इसके अलावा, कुलपति ने घोषणा की कि कुलाधिपति की स्वीकृति के बाद विश्वविद्यालय में पहली बार शैक्षणिक सीनेट की बैठक 24, 25 या 30 जून को आयोजित होगी। इसमें सभी शैक्षणिक गतिविधियों पर व्यापक चर्चा की जाएगी और शिक्षाविदों से महत्वपूर्ण सुझाव लिए जाएंगे। अतिथि शिक्षकों के नवीनीकरण की प्रक्रिया भी इसी सप्ताह शुरू करने का निर्णय लनामिवि सिंडिकेट बैठक में लिया गया।
भूमि विवाद और आधारभूत संरचना पर महत्वपूर्ण फैसले
कादिराबाद स्थित विश्वविद्यालय की होमगार्ड परिसर वाली भूमि पर भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (BPCL) द्वारा निर्माण कार्य हेतु मांगे गए NOC पर सहमति नहीं दी गई। इसका कारण यह है कि यह जमीन डॉ. अब्दुल कलाम डब्ल्यूआईटी की है, जिस पर छात्राओं के लिए छात्रावास और खेल मैदान प्रस्तावित हैं। होमगार्ड को किराए पर दी गई भूमि वापस लेने के प्रोफेसर दिलीप कुमार चौधरी के प्रस्ताव पर सकारात्मक विचार किया गया।डॉ. बैद्यनाथ चौधरी ‘बैजू’ ने सभी कॉलेजों में अलग से परीक्षा भवन बनाने का प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजने का आग्रह किया, ताकि छात्रों की पढ़ाई बाधित न हो। उन्होंने आउटसोर्स पर बहाल कर्मचारियों के वेतन भुगतान के लिए भी राज्य सरकार का ध्यान आकर्षित करने का आग्रह किया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। इस दौरान पिछली सिंडिकेट, वित्त समिति और खेल निदेशालय की प्रबंध समिति की बैठकों के सभी निर्णयों की भी संपुष्टि की गई।बैठक में मनोविज्ञान, गृह विज्ञान, अर्थशास्त्र, हिन्दी, अंग्रेजी, वाणिज्य, भूगोल एवं वनस्पति विज्ञान जैसे विषयों में प्रमोशन से संबंधित सिलेक्शन कमिटी की अनुशंसाओं को भी स्वीकृति प्रदान की गई। कुलसचिव डॉ. दिव्या रानी हांसदा ने बैठक का संचालन किया और धन्यवाद ज्ञापन किया।विश्वविद्यालय से जुड़ी और देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।







