Madhubani Police News: Darbhanga -Madhubani NH 27 पर रात के अंधेरे में रेस्ट हाउस पर पुलिस की Big Raid, 6 संदिग्ध हिरासत में, आख़िर क्या मिला? आइये देशज टाइम्स पर बड़ा खुलासा।
Madhubani Sex Racket News: बिहार के मधुबनी जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां पुलिस ने मानव तस्करी और देह व्यापार के एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। एनएच-27 पर स्थित ‘शाही रेस्ट हाउस’ में चल रहे इस अवैध धंधे पर पुलिस ने कड़ी कार्रवाई करते हुए दो नाबालिगों समेत सात युवतियों को बचाया है। इन्हें जबरन देह व्यापार में धकेला जा रहा था। यह बड़ी कार्रवाई पुलिस अधीक्षक के विशेष निर्देश पर अंजाम दी गई, जिसके बाद पूरे इलाके में हड़कंप मचा हुआ है।
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कैसे हुआ इस बड़े रैकेट का खुलासा?
सदर एसडीपीओ के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया था। सकरी थानाध्यक्ष और पुलिस निरीक्षक मनोज कुमार ने बताया कि मधुबनी न्याय केंद्र और बिहार सेवा समिति से जुड़े सामाजिक कार्यकर्ता संजीव कुमार से उन्हें इस अवैध धंधे के बारे में पुख्ता गोपनीय जानकारी मिली थी। सूचना में यह भी बताया गया था कि सीमा चौक पर स्थित ‘शाही रेस्ट हाउस’ में नाबालिग लड़कियों और युवतियों को बंधक बनाकर जबरन देह व्यापार के दलदल में धकेला जा रहा है। इस गंभीर सूचना के बाद, पुलिस अधीक्षक ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए।
छापेमारी से मची भगदड़ और आपत्तिजनक सामग्री बरामद
पुलिस ने महिला पुलिसकर्मियों और चलंत विधि-विज्ञान प्रयोगशाला (FSL) की टीम के साथ योजनाबद्ध तरीके से रात करीब आठ बजे ‘शाही रेस्ट हाउस’ को चारों तरफ से घेर लिया। पुलिस को अचानक देखकर रेस्ट हाउस में मौजूद लोगों और ग्राहकों में भारी अफरा-तफरी मच गई। इस भगदड़ का फायदा उठाकर कुछ संदिग्ध पिछले रास्तों से भागने में कामयाब रहे, लेकिन पुलिस ने तेजी दिखाते हुए पूरे परिसर को अपने कब्जे में ले लिया।
कमरों की तलाशी के दौरान पुलिस ने सात लोगों को आपत्तिजनक स्थिति में पाया, जिन्हें तत्काल हिरासत में लिया गया। बचाई गई युवतियां समस्तीपुर, मुजफ्फरपुर, हाजीपुर और लखीसराय जैसे विभिन्न जिलों से लाई गई थीं। मौके से लखीसराय के कजरा निवासी कुणाल कुमार ठाकुर को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया गया। चलंत एफएसएल टीम की अधिकारी सोनालिका के नेतृत्व में मौके से संदिग्ध जैविक नमूने, इस्तेमाल किए गए कंडोम और अन्य कई आपत्तिजनक सामग्रियां भी जब्त की गईं। इस पूरी कार्रवाई की वीडियोग्राफी भी करवाई गई, ताकि सभी साक्ष्य सुरक्षित रखे जा सकें।
प्रेमजाल और नौकरी का झांसा देकर फंसाते थे शिकार
पुलिस पूछताछ में रेस्क्यू की गई युवतियों ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए। उन्होंने बताया कि उन्हें पहले प्यार के जाल में फंसाया जाता था या अच्छी नौकरी और बेहतर जीवन का लालच दिया जाता था। यहां लाने के बाद उन्हें कमरों में बंद कर दिया जाता और जबरन देह व्यापार के लिए मजबूर किया जाता था। विरोध करने पर गिरोह के सदस्य उनके साथ बर्बरता से मारपीट करते और जान से मारने की धमकियां देते थे। ग्राहकों से मिलने वाली पूरी रकम गिरोह के संचालक खुद रख लेते थे और युवतियों को एक रुपया भी नहीं दिया जाता था, जो इस Bihar Human Trafficking News का एक भयावह पहलू है।
पुलिस जांच से यह भी सामने आया है कि समस्तीपुर के दलसिंहसराय का सुजीत कुमार और उसकी पत्नी डौली कुमारी इस संगठित रैकेट के मुख्य सूत्रधार थे। इनके अलावा दरभंगा के मनिगाछी का छोटू साह और पहले गिरफ्तार हो चुका कुणाल कुमार ठाकुर भी इस अवैध धंधे में शामिल थे। इन चारों नामजद आरोपियों के खिलाफ पॉक्सो एक्ट, अनैतिक व्यापार निवारण अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता की गंभीर धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। मुख्य आरोपी फिलहाल फरार हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही है। मुक्त कराई गई नाबालिग बच्चियों को बाल कल्याण समिति (CWC) के सामने पेश कर उनके पुनर्वास की व्यवस्था की जा रही है। फरार आरोपियों की संपत्ति कुर्क करने और ‘शाही रेस्ट हाउस’ को स्थायी रूप से सील करने की कानूनी प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
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सदर एसडीपीओ वन अमित कुमार ने इस घटना को सीधे तौर पर संगठित मानव तस्करी का मामला बताया है। उन्होंने जानकारी दी कि पुलिस अधीक्षक की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत अब एनएच किनारे स्थित सभी होटलों, ढाबों और रेस्ट हाउसों की नियमित औचक जांच की जाएगी। इसका उद्देश्य ऐसे काले धंधों को जड़ से खत्म करना है। इस बड़ी कार्रवाई के बाद स्थानीय लोगों में पुलिस के प्रति विश्वास बढ़ा है और यह छापेमारी पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है।
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