
National Lok Adalat: जब न्याय की गाड़ी धीमी पड़ जाए और तारीख पर तारीख का सिलसिला आम हो जाए, तो समझ लीजिए कि समाधान का एक नया दरवाजा खुल गया है। दरभंगा में इसी उद्देश्य के साथ बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकार, पटना तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकार, दरभंगा के तत्वावधान में एक दिवसीय राष्ट्रीय लोक अदालत का मंच सज चुका है, जहाँ आपसी सहमति से जटिल विवादों को सुलझाने की पहल की गई है।
दरभंगा में National Lok Adalat का भव्य आगाज़, अब आपसी सहमति से निपटेंगे हज़ारों लंबित मामले
दरभंगा: जिला मुख्यालय स्थित व्यवहार न्यायालय परिसर में शनिवार, 14 मार्च 2026 को National Lok Adalat का विधिवत उद्घाटन किया गया। इस विशेष अदालत का शुभारंभ जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री शिव गोपाल मिश्र, जिलाधिकारी दरभंगा श्री कौशल कुमार, वरीय पुलिस अधीक्षक श्री जगुनाथ रेड्डी तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकार की सचिव श्रीमती आरती कुमारी ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। इस पहल से उन हज़ारों लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है, जिनके मामले सालों से अदालतों में लंबित हैं।
National Lok Adalat का उद्देश्य: त्वरित और सुलभ न्याय
उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री शिव गोपाल मिश्र ने कहा कि इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य आपसी सहमति एवं सुलहनामे के आधार पर विवादों का त्वरित, सुलभ और सस्ता समाधान सुनिश्चित करना है। उन्होंने बताया कि लोक अदालत के माध्यम से विशेष रूप से शमनीय (Compoundable) मामलों की सुनवाई कर उनका निस्तारण किया जाएगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इससे न केवल न्यायालयों में लंबित मामलों का बोझ कम होगा, बल्कि आम लोगों को भी शीघ्र न्याय मिल सकेगा।
कुल 28 बेंचों का किया गया गठन
इस एक दिवसीय अदालत के सफल संचालन हेतु बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकार के निर्देशों का पालन करते हुए कुल 28 बेंचों का गठन किया गया है। जिला विधिक सेवा प्राधिकार, दरभंगा की सचिव ने जानकारी दी कि इनमें सबसे अधिक 16 बेंच व्यवहार न्यायालय, दरभंगा में स्थापित की गई हैं। इसके अतिरिक्त, व्यवहार न्यायालय, बेनीपुर में 05 तथा व्यवहार न्यायालय, बिरौल में 07 बेंच मामलों की सुनवाई के लिए गठित की गई हैं ताकि अधिक से अधिक मामलों का निपटारा किया जा सके। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
किन मामलों का होगा निपटारा?
इस लोक अदालत में मुकदमा पूर्व और न्यायालयों में लंबित दोनों तरह के वादों की सुनवाई की जाएगी। इसमें विभिन्न प्रकृति के मामले शामिल हैं, जिनका निपटारा आपसी सुलह के आधार पर तत्काल करने का प्रयास किया जाएगा।
- शमनीय (कम्पाउंडेबल) आपराधिक वाद
- एन.आई. एक्ट की धारा 138 से संबंधित मामले
- बैंक ऋण वसूली और मोटर दुर्घटना दावा वाद
- श्रम, विद्युत एवं पानी बिल संबंधी विवाद
- वैवाहिक एवं भूमि अधिग्रहण से जुड़े मामले
- सेवा संबंधी मामले (वेतन, भत्ता एवं सेवानिवृत्ति लाभ)
- राजस्व एवं अन्य दीवानी वाद (किराया, निषेधाज्ञा आदि)
- बीएसएनएल सहित विभिन्न संस्थानों से संबंधित मामले
इस अवसर पर विभिन्न बेंचों के पीठासीन पदाधिकारी, वरिष्ठ अधिवक्ता गण, एवं न्यायालय कर्मी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने आम नागरिकों से अपील की कि वे लोक अदालत के माध्यम से अपने विवादों का समाधान कर न्यायिक प्रक्रिया को सरल बनाने में सहयोग करें। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।





