जो न्यायालय के आदेश का अवेहलना माना जा रहा है। इस शाखा से जुड़े हजारों लोगों का करोड़ों रुपये वर्षों से जमा है। मैच्योरिटी होने के बाद भी लोगों को अपने कमाई से किये गए जमा राशि वापस देने मे सहारा इंडिया शाखा आनाकानी कर रही है। लेकिन कार्यकर्ता से शाखा कर्मी जमाकर्ताओं का राशि जमा लेने में तनिक भी देर नहीं करते। इनमें से पांच हजार से अधिक वैसे जमाकर्ता हैं जो अपनी पुत्री के विवाह मे उपयोग करने के लिए धन को रखा था।






सहारा इंडिया मे जमा धन समय पर नहीं मिलने से इन लोगों को अपना जमीन बेचना पड़ा या फिर गिरवी रखना इनकी मजबूरी हो गई अन्यथा इनकी पुत्री की शादी टूट जाती। लेकिन जमाकर्ताओं के राशि से फूलेफले सहारा इंडिया शाखा के वरीय अधिकारी को इनके जमाधन समय पर वापस करने के लिए कटिबद्ध होना चाहिए।
शाखा के अधिकारियों को सेवी के मामले को जल्द निपटारा कर पीड़ित जमाकर्ताओं के जमाधन को वापस करना चाहिए न कि कोर्ट के आदेश का उल्लंघन कर जमाकर्ताओं का राशि जमा लेने मे दिलचस्पी दिखाना चाहिए।







