Bihar Electricity: बिहार में बिजली आपूर्ति व्यवस्था को अभूतपूर्व मजबूती मिलने वाली है। राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी पीरपैंती-झंझारपुर ट्रांसमिशन परियोजना के तहत, भागलपुर के पीरपैंती थर्मल पावर प्लांट से उत्पादित बिजली अब बेगूसराय और दरभंगा होते हुए मधुबनी के झंझारपुर तक पहुंचेगी। इस बड़े कदम से उत्तर बिहार के लाखों घरों को निर्बाध और चौबीसों घंटे बिजली मिलने का रास्ता साफ हो गया है।
इस परियोजना में नई ट्रांसमिशन लाइनें बिछाने के साथ-साथ कई महत्वपूर्ण ग्रिड सब-स्टेशन भी बनाए जाएंगे। यह पहल बिहार में बिजली पारेषण नेटवर्क के विस्तार और सुदृढ़ीकरण की दिशा में एक बड़ा कदम है।
बेगूसराय में बनेंगे दो विशाल ग्रिड सब-स्टेशन, बदलेगी तस्वीर
पीरपैंती से झंझारपुर तक बिजली पहुंचाने वाली मुख्य ट्रांसमिशन लाइन के अलावा, बेगूसराय जिले में दो बड़े ग्रिड सब-स्टेशन बनाने का प्रस्ताव है। इन सब-स्टेशनों की क्षमता 500 मेगावाट होगी, जो जिले की बिजली आपूर्ति में क्रांतिकारी बदलाव लाएंगे। इसके साथ ही, पीरपैंती से बेगूसराय तक 400 केवी की हाई-वोल्टेज ट्रांसमिशन लाइन भी बिछाई जाएगी, जिससे बिजली का संचरण और अधिक कुशल हो जाएगा।
बेगूसराय शहर के लिए भी विशेष व्यवस्था की गई है, जहां 100 एमवीए क्षमता के दो अलग ग्रिड सब-स्टेशन बनाए जाएंगे। बेगूसराय से बेगूसराय टाउन तक नई ट्रांसमिशन लाइन बिछाने से शहरी उपभोक्ताओं को भी बेहतर और विश्वसनीय बिजली मिल सकेगी।
दरभंगा और मधुबनी को मिलेगा मजबूत पारेषण नेटवर्क
मधुबनी जिले के झंझारपुर में 132 केवी का एक नया ग्रिड सब-स्टेशन स्थापित करने की योजना है, जो इस क्षेत्र की बिजली जरूरतों को पूरा करेगा। वहीं, दरभंगा के बिठौली में भी एक और ग्रिड सब-स्टेशन प्रस्तावित है, जिससे दरभंगा क्षेत्र में बिजली आपूर्ति की विश्वसनीयता बढ़ेगी।
परियोजना में दरभंगा-लौकही और फुलपरास-पंडौल ट्रांसमिशन लाइनें भी शामिल हैं। इसके अलावा, झंझारपुर-बिठौली और बख्तियारपुर ट्रांसमिशन लाइन का जिक्र भी इस वृहद योजना के तहत किया गया है। इन सभी कार्यों से उत्तर बिहार के विभिन्न इलाकों में अतिरिक्त पारेषण व्यवस्था तैयार होगी, जिससे बिजली वितरण में आने वाली बाधाएं दूर होंगी।
इस वृहद परियोजना को समय पर पूरा करने के लिए राज्य सरकार ने प्रक्रिया तेज कर दी है। ऊर्जा मंत्रालय के सख्त मानकों के तहत तकनीकी व्यवस्था तैयार की जा रही है, जिसके बाद बोली प्रक्रिया के जरिए निजी और सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों का चयन होगा। इन नई लाइनों और सब-स्टेशनों के निर्माण से उत्तर बिहार की बिजली पारेषण क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी, जो क्षेत्र के विकास और आम जनता के जीवन स्तर को बेहतर बनाने में सहायक सिद्ध होगी।







