

मुख्य बातें: सनहपुर पावर सब स्टेशन से चौथे दिन दिन भी बिजली आपूर्ति ठप, जाले नगर निकाय चुनाव संपन्न होते हीं जाले में बिजली कटौती शुरू
जाले, देशज टाइम्स। भीषण गर्मी और जून महीना में चल रहे हिटवेव के बीच जाले प्रखंड क्षेत्र के विद्युत उपभोक्ताओं को भीषण विद्युत कटौती का सामना करना पड़ रहा है।
सिंहवाड़ा विद्युत आपूर्ति प्रमंडल के सनहपुर पावर सब स्टेशन से जाले के 10 पंचायत एवम एवं जाले पावर सबस्टेशन से शहरी क्षेत्र जाले नगर समेत सहसपुर गरारी जोगियारा नागरडीह राढी फीडर को विद्युत आपूर्ति किया जाता है।
बीते एक सप्ताह से अनियमित बिजली आपूर्ति करना विभाग का दिनचर्या बन कर रह गया है। मंगलवार को आए आंधी बारिस के वाद सनहपुर पावर सब स्टेशन से बिजली आपूर्ति आज चौथे दिन भी बंद रही।
बताया जाता है कि 11 हजार विद्युत संचरण के 60 से अधिक बिजली पोल के गिरने एवम जगह जगह बिजली केवल पर पेड़ गिरने से यहां विद्युत आपूर्ति ठप है।
वहीं जाले पावर सब स्टेशन से नगर परिषद जाले का चुनाव संपन्न होने के बाद से यहां बिजली आपूर्ति पर ग्रहण लगना प्रारंभ है।
24 घंटे में बमुश्किल 8 से 10 घंटे विद्युत आपूर्ति किए जाने से लोगों में विभाग के प्रति आक्रोश देखा जा रहा है। वहीं जब पिक आवर में छात्रों की पढ़ाई का समय होता है तो शाम होते ही बिजली आपूर्ति बंद कर दी जाती है।
बिजली आपूर्ति एक घंटा बंद रहने के बाद, दस मिनट के लिए बिजली बहाल कर पुनः 1 घंटा के लिए बिजली बंद करना यह नियति में शुमार हो गया है।
जाले शहरी क्षेत्र रहने के बावजूद ग्रामीण क्षेत्रों से भी कमतर विद्युत आपूर्ति किया जाना शहरी क्षेत्र के मानक को के विरुद्ध है। सनहपुर पावर सब स्टेशन का विद्युत आपूर्ति सीधे दरभंगा स्थित गंगवारा पावर ग्रिड से किया जाता है।
बीते मंगलवार की शाम आए आंधी तूफान के से बिजली हुई तार एवम बिजली का खंभा गिरने से आपूर्ति चौथे दिन भी ठप्प है।
जाले के जूनियर इंजीनियर शशि शेखर सिंह ने बताया की जाले पावर सब सब स्टेशन को बेनीपट्टी के बनकट्टा विद्युत ग्रिड से बिजली आपूर्ति अहल्यास्थन पावर सब स्टेशन को होती है।
जहां से मुरैठा पावर सब स्टेशन से जाले पावर सब स्टेशन से जाले फीडर को विद्युत आपूर्ति होने से कठिनाई हो रही है।
जाले पावर सब स्टेशन को बिजली खपत चार से साढ़े चार मेगावाट है लेकिन दिन में तीन मेगावार्ड एवम रात को दो मेगावार्ड बिजली सप्लाई होने से यह समस्या उत्पन हुई है।
14 जून को उत्तर बिहार को मात्र 800 मेगावाट बिजली आपूर्ति किए जाने से समस्या उत्पन्न हुई है।
वहीं एक विभागीय कर्मी ने नाम नहीं उजागर किए जाने के शर्त पर बताया कि मामूली फाल्ट आने पर संपूर्ण शहरी एवम ग्रामीण क्षेत्रों की पावर सप्लाई रोक दी जाती है।
इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों के लोकल मिस्त्री की ओर से बिजली ठीक करने मीटर बदलने या अन्य कई कामों का बहना बनाकर विभागीय मुलाजिम से सांठगांठ कर, पावर सब स्टेशन से ही ऑनलाइन बिजली कटवाते रहते हैं।


