
जैसे राम के आने से अयोध्या की बगिया हरी-भरी हो उठी, वैसे ही मिथिलांचल में राम नवमी के उल्लास ने भक्ति का ऐसा रंग बिखेरा कि हर ओर श्रद्धा का सागर उमड़ पड़ा।राम नवमी: जाले। ब्रह्मपुर पश्चिमी पंचायत स्थित महर्षि गौतम आश्रम, रतनपुर बीगनबाबा कुटी, कुमारी कुटी सहित विभिन्न मठ-मंदिरों में भगवान राम का प्राकट्योत्सव श्रद्धा, भक्ति और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। मिथिला के पाहुन भगवान राम का सर्वप्रथम पंचामृत से अभिषेक कर भव्य श्रृंगार किया गया। इसके बाद 56 भोग अर्पित किया गया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
भगवान राम का प्राकट्योत्सव मिथिलांचल में धूमधाम से मनाया गया
दोपहर 12 बजते ही सभी मठ-मंदिरों में महाआरती के साथ शंख व घंटों की ध्वनि गूंज उठी। श्रद्धालुओं ने “भय प्रकट कृपाला दीनदयाला” सहित बधाई गीत गाकर वातावरण को भक्तिमय बना दिया। कलाकारों द्वारा प्रस्तुत अन्य भक्ति गीतों ने भी माहौल को और अधिक आध्यात्मिक बना दिया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
इस अवसर पर महर्षि गौतम आश्रम न्यास समिति के अध्यक्ष डॉ विजय भारद्वाज ने गौतम कुंड पहुंचने वाले सैकड़ों श्रद्धालुओं से अनुशासन एवं शांतिपूर्ण ढंग से राम दरबार के दर्शन करने की अपील की। साथ ही मंदिर गुंबद निर्माण महायज्ञ में यथाशक्ति सहयोग करने का आग्रह किया।
राम जन्मोत्सव पर निकली शोभायात्रा
इससे पहले जाले। रामनवमी के अवसर पर जलेश्वरी स्थान से ढोल-बाजे व जयकारे के साथ जुलूस निकाला। यह जुलूस एएनएम स्कूल, सीएचसी, थाना होते हुए जाले हाट, इंडियन बैंक, गणेश मंदिर, सब्जी चौक, खड़का मोड़, सुभाष चौक और साथी चौक से गुजरते हुए पुनः जलेश्वरी स्थान पर संपन्न हुआ। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करेंइस दौरान पूरा वातावरण जय श्री राम के नारों से गूंजता रहा। भक्तों ने रामलला के जन्मोत्सव का जश्न मनाते हुए एक-दूसरे को बधाई दी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।





