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रोसड़ा। नए वर्ष 2025 में रोसड़ा के लोग एनएच-527 ई के निर्माण कार्य के पूरा होने की उम्मीद लगाए बैठे हैं। यह सड़क न केवल रोसड़ा की लाइफलाइन बनेगी, बल्कि दक्षिण और उत्तर बिहार के बीच आवागमन को सुगम बनाएगी।
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प्रधानमंत्री द्वारा शिलान्यास के बाद उम्मीदों को मिली ताकत
पिछले महीने दरभंगा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रामनगर-रोसड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-527 ई) का शिलान्यास किया। इसके बाद इस परियोजना के कार्य में तेजी आ गई है।
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- लंबाई: 40 किमी
- लागत: ₹495 करोड़
- विस्तार: यह पथ रोसड़ा डाकबंगला से हथौड़ी पुल, दरभंगा के बहेड़ी, लहेरियासराय होते हुए रामनगर एनएच-27 से जुड़ेगा।
काम में तेजी, व्यापारियों में उत्साह
- मिट्टीकरण कार्य: रोसड़ा में जारी।
- पुल निर्माण: दरभंगा के हायाघाट में तेज़ी से चल रहा है।
- पेभ्ड सोल्डर वाली दो-लेन सड़क: आवागमन को सुलभ बनाएगी।
व्यवसायियों का मानना है कि यह एनएच उनके लिए वरदान साबित होगा।
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- दक्षिण और उत्तर बिहार के बीच कनेक्टिविटी सहज होगी।
- झारखंड और नेपाल यात्रा भी सुगम हो जाएगी।
इतिहास और प्रगति
- 16 अगस्त 2020: केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय की स्थायी वित्त समिति ने परियोजना को मंजूरी दी।
- चार सालों की धीमी प्रगति के बाद शिलान्यास के साथ कार्य में आई तेजी।
लोगों की उम्मीदें और प्रभाव
- व्यापार और परिवहन: व्यापारियों को नए बाजारों तक पहुंचने में मदद।
- शॉर्टकट मार्ग: झारखंड और दक्षिण बिहार के लिए।
- नेपाल यात्रा: सीमावर्ती क्षेत्रों के लोगों को बड़ा लाभ।
क्या आप भी मानते हैं कि यह परियोजना क्षेत्र की तस्वीर बदल देगी? अपने विचार साझा करें।
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