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Mithila के 64 कलाओं को मिलेगा New Dimension, खुशखबरी…Darbhanga में बनेगा Sanskrit-Culture Conservation Center

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मिथिला में ‘संस्कृत-संस्कृति संरक्षण केंद्र (Sanskrit-Culture Conservation Center will be built in Darbhanga)’  की स्थापना की मांग तेज

➡️ दरभंगा में संस्कृत-संस्कृति संरक्षण केंद्र स्थापित करने की पहल
➡️ केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को सांसद गोपाल जी ठाकुर ने अवगत कराया
➡️ संस्कृत भाषा और मिथिला की चौसठ कलाओं के संरक्षण की आवश्यकता

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क्या है मामला?

मिथिला की प्राचीन कला, संस्कृति और संस्कृत भाषा के संरक्षण के लिए केंद्र सरकार के स्तर पर दरभंगा में संस्कृत-संस्कृति संरक्षण केंद्र की स्थापना की मांग की जा रही है। उम्मीद है, जल्द ही Mithila के 64 कलाओं को New Dimension मिलेगा। साथ ही, खुशखबरी यह है,…Darbhanga में इस विस्तार को नवरूप देने के लिए Sanskrit-Culture Conservation Center खोलने की कवायद तेज कर दी गई है।

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स्थानीय सांसद व भाजपा लोकसभा सचेतक डॉ. गोपाल जी ठाकुर ने इस मुद्दे पर दिल्ली में केंद्रीय शिक्षा एवं कौशल विकास मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से मुलाकात की और संस्थान की स्थापना को लेकर ठोस पहल करने की अपील की।

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केंद्रीय मंत्री ने आश्वासन दिया है कि इस दिशा में जल्द कदम उठाए जाएंगे।

संस्कृत के पुनरुत्थान पर जोर

📌 संस्कृत भाषा भारतीय ज्ञान परंपरा की रीढ़ है, जो न केवल धार्मिक ग्रंथों बल्कि विज्ञान, गणित, चिकित्सा और कला का भी आधार रही है।
📌 गांवों में भारतीय ज्ञान परंपरा का संरक्षण हुआ है, इसलिए संस्कृत संरक्षण केंद्र में उन दिवंगत विद्वानों के योगदानों का संकलन किया जाना चाहिए
📌 मैथिली भाषा और पंजी प्रथा की दुर्लभ पांडुलिपियों को संरक्षित करने की जरूरत है, ताकि आने वाली पीढ़ियां इस विरासत से सीख सकें।

पर्यटन को भी मिलेगा बढ़ावा

📌 सांसद ठाकुर ने कहा कि यह केंद्र पर्यटन के दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण साबित होगा
📌 मिथिला क्षेत्र की महान विभूतियों की दुर्लभ पांडुलिपियां और रचनाएं एक ही जगह संग्रहित होने से शोधार्थियों और पर्यटकों को लाभ होगा
📌 मिथिला की चौसठ कलाओं को नई पहचान देने के लिए इस पहल की सख्त जरूरत है।

संरक्षण केंद्र से मिलने वाले लाभ

संस्कृत भाषा और मिथिला की संस्कृति को नई पहचान मिलेगी
दुर्लभ ग्रंथों और हस्तलिखित पांडुलिपियों का संरक्षण होगा
पर्यटन और शोध को बढ़ावा मिलेगा
मिथिला की चौसठ कलाओं को संरक्षित और प्रचारित किया जा सकेगा

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👉 अब देखना यह होगा कि केंद्र सरकार इस मांग पर कितनी जल्दी अमल करती है और दरभंगा में संस्कृत-संस्कृति संरक्षण केंद्र की स्थापना को हरी झंडी कब मिलती है।

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