
Senate meeting: दरभंगा स्थित संस्कृत विश्वविद्यालय में 22 मई को होने वाली 49वीं सीनेट बैठक की तैयारी जोरों पर है। इस महत्वपूर्ण आयोजन से पहले कुलपति प्रोफेसर लक्ष्मीनिवास पांडेय ने सभी समितियों के साथ एक समीक्षा बैठक की। उन्होंने न सिर्फ तैयारियों का जायजा लिया, बल्कि अपने प्रेरणादायक संबोधन से कर्मियों का हौसला भी बढ़ाया।
दरभंगा के कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय में 22 मई को आयोजित होने वाली सीनेट की 49वीं बैठक को लेकर प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है। शुक्रवार को कुलपति प्रोफेसर लक्ष्मीनिवास पांडेय की अध्यक्षता में एक अहम समीक्षा बैठक हुई, जिसमें सीनेट की सफलता सुनिश्चित करने के लिए गठित विभिन्न समितियों के संयोजकों और सदस्यों ने अपने-अपने कार्यों की अद्यतन स्थिति से अवगत कराया। कुलपति ने इस दौरान सभी को बेहतर प्रदर्शन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
इस समीक्षा के दौरान कुलपति प्रोफेसर पांडेय भावुक भी हो गए। उन्होंने अपने शुरुआती सेवाकाल की यादें साझा करते हुए सभी कर्मियों को प्रेरित किया और उनका हौसला बढ़ाया। उन्होंने कहा कि यदि किसी कार्य को उत्सुकता और मिशन मोड में किया जाए, तो हर कार्य सरल और हर रास्ता सुगम हो जाता है। हमारी प्राथमिकता इस सीनेट बैठक की व्यवस्था को सर्वोत्तम बनाना है। कुलाधिपति का आगमन भी होने वाला है, इसलिए विश्वविद्यालय की तैयारी में कोई कमी नहीं रहनी चाहिए। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। सभी माननीय सदस्यों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसका पूरा ध्यान रखना होगा।
कुलपति ने बढ़ाई कर्मियों की ऊर्जा
कुलसचिव प्रोफेसर ब्रजेशपति त्रिपाठी ने भी इस अवसर पर महत्वपूर्ण सुझाव दिए। उन्होंने कहा कि समिति संयोजक अपने स्तर पर कर्मठ सहयोगियों का मनोनयन कर उनसे सहयोग ले सकते हैं। मंचीय व्यवस्थाओं और अन्य लॉजिस्टिक्स को लेकर भी कुलसचिव ने कई बिंदु साझा किए और सभी से कार्यक्रम को सफल बनाने का आह्वान किया।
सीनेट बैठक की व्यवस्था और दिशा-निर्देश
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि आगंतुक सदस्यों और अतिथियों के प्रवेश और पार्किंग की व्यवस्था सुगम बनाई जाए।
- अतिथि व सदस्य एलएनएमयू की तरफ से, मनोकामना द्वार की तरफ से तथा बाघ मोड़ गेट से कार्यक्रम स्थल तक आएंगे।
- गाड़ियां खेल मैदान और परीक्षा भवन के सामने पार्क की जाएंगी।
- इन तीनों प्रवेश द्वारों पर विश्वविद्यालय के कर्मियों की तैनाती रहेगी ताकि प्रवेश में कोई कठिनाई न हो।
कुलपति प्रोफेसर पांडेय के निर्देशानुसार, अब प्रतिदिन शाम चार बजे सभी समितियों के संयोजक अपने किए गए कार्यों की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे। इस विश्वविद्यालय की तैयारी को लेकर हर छोटे से छोटे पहलू पर ध्यान दिया जा रहा है। समीक्षा बैठक में विश्वविद्यालय के सभी पदाधिकारी, समिति संयोजक और सदस्य उपस्थित थे, जिन्होंने इस महत्वपूर्ण आयोजन को सफल बनाने का संकल्प लिया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें







