
Purnia Bribe: बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रहे जीरो टॉलरेंस अभियान की एक और बड़ी मिसाल सामने आई है। पूर्णिया में निगरानी विभाग ने 30 घंटों के भीतर दूसरी बड़ी कार्रवाई करते हुए एक राजस्व अधिकारी और उसकी महिला सहयोगी को 40 हज़ार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों दबोच लिया। यह घटना बताती है कि घूसखोर भले ही डिजिटल या चालाक हो रहे हों, लेकिन कानून के हाथ लंबे होते हैं।
बिहार में भ्रष्टाचार पर नकेल कसने की कवायद लगातार जारी है। इसी कड़ी में पूर्णिया पूर्व अंचल के राजस्व अधिकारी लाल बाबू रजक और उनकी महिला सहयोगी रूबी कुंडी को 40 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए निगरानी ब्यूरो ने रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई पूर्णिया में पिछले 30 घंटों के भीतर निगरानी विभाग की दूसरी बड़ी रेड है, जिसने प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मचा दिया है। इस गिरफ्तारी से यह साफ हो गया है कि घूसखोर भले ही अपने तरीकों में बदलाव ला रहे हों, लेकिन वे कानून की गिरफ्त से बच नहीं सकते। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
कैसे हुई Purnia Bribe मामले में गिरफ्तारी?
गुलाबबाग वार्ड संख्या 35 की निवासी ललिता देवी अपनी साढ़े तीन कट्ठा जमीन का ‘स्टे रिपोर्ट’ जारी करवाने के लिए राजस्व कर्मचारी लाल बाबू रजक के दफ्तर के चक्कर काट रही थीं। आरोप है कि इस सरकारी काम को निपटाने के एवज में लाल बाबू रजक ने उनसे 50 हज़ार रुपये की रिश्वत की मांग की थी। लाल बाबू रजक ने अपनी चालाकी दिखाते हुए ललिता देवी से कहा कि वह रिश्वत की रकम सीधे उन्हें न देकर उनकी सहयोगी रूबी कुंडी को दे दें। उन्हें लगा कि इस तरह वे पकड़े जाने से बच जाएंगे।
चालाकी काम नहीं आई, ऐसे फंसे दोनों आरोपी
राजस्व अधिकारी की लगातार रिश्वत की मांग से तंग आकर ललिता देवी ने पटना स्थित निगरानी अन्वेषण ब्यूरो में शिकायत दर्ज कराई। डीएसपी अमरेंद्र प्रसाद विद्यार्थी के नेतृत्व में एक विशेष धावादल का गठन किया गया। टीम ने शिकायत का सत्यापन करने के बाद शुक्रवार को पूर्णिया पूर्व अंचल अभिलेख भवन में जाल बिछाया। जैसे ही शिकायतकर्ता ललिता देवी ने 40 हजार रुपये की पहली किस्त रूबी कुंडी को सौंपी, सादे लिबास में मौजूद निगरानी टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए दोनों को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। टीम ने मौके से रिश्वत की पूरी राशि बरामद कर ली। पूछताछ में पता चला कि कुल 50 हजार रुपये की डील हुई थी, जिसमें से 10 हजार रुपये बाद में दिए जाने थे। इस तरह की Corruption in Bihar पर निगरानी विभाग की पैनी नज़र है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
शिकायतकर्ता की हिम्मत और आगे की कार्रवाई
निगरानी ब्यूरो के डीएसपी ने बताया कि दोनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया गया है और कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है। पूर्णिया में लगातार हो रही इन कार्रवाइयों से उन भ्रष्ट कर्मचारियों में डर बैठ गया है, जो आम जनता के काम अटकाकर अपनी जेबें भरते हैं। ललिता देवी की इस बहादुरी और हिम्मत की चर्चा पूरे शहर में हो रही है, जिन्होंने घूस देने के बजाय कानून का दरवाजा खटखटाना बेहतर समझा। Purnia Bribe मामले के दोनों आरोपियों को लेकर निगरानी की टीम पटना रवाना हो गई है, जहां उन्हें विशेष अदालत में पेश किया जाएगा।
देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें







