
जाले कृषि विज्ञान केंद्र में दिखा जालंधर का इनोवेशन! चला टेक्नोलॉजी का पाठ! किसानों को मिला टेक्निकल गाइडेंस! सीखे नए गुर। जहां, जाले कृषि विज्ञान केंद्र में लुधियाना के वैज्ञानिक डॉ. राजेश पहुंचे, सिंघाड़ा और मखाना खेती का जायजा लेते हुए किसानों को सिखाई सिंघाड़ा लगाने की नई विधि।सिंघाड़ा और मखाना की खेती पर दिया तकनीकी सुझाव@जाले-दरभंगा,देशज टाइम्स।
लुधियाना सीफेट (CFMTTI) के अभियांत्रिकी वैज्ञानिक डॉ. राजेश विश्वकर्मा ने मधुबनी के प्रगतिशील किसान को दिए टिप्स
जाले-दरभंगा/देशज टाइम्स।कृषि नवाचार और यंत्रों के प्रभावी उपयोग को लेकर लुधियाना सीफेट (CFMTTI) के अभियांत्रिकी वैज्ञानिक डॉ. राजेश कुमार विश्वकर्मा ने कृषि विज्ञान केंद्र जाले का दौरा किया। उनके साथ मधुबनी जिले के सौराठ एग्रो के प्रगतिशील किसान प्रेम शंकर मिश्रा भी मौजूद थे।
वैज्ञानिक का हुआ पारंपरिक स्वागत
केंद्र के अध्यक्ष ने डॉ. राजेश का पारंपरिक तरीके से चादर ओढ़ाकर स्वागत किया। इसके बाद डॉ. राजेश ने केंद्र में कृषि कार्यों में उपयोग होने वाले यंत्रों का बारीकी से निरीक्षण किया और उनकी कार्यप्रणाली को समझा।
कृषि यंत्रों पर ली गई तकनीकी जानकारी
इस दौरान प्रक्षेत्र प्रबंधक डॉ. चन्दन कुमार ने कृषि यंत्रों के उपयोग के दौरान आने वाली तकनीकी दिक्कतों और व्यावहारिक चुनौतियों के बारे में जानकारी दी। डॉ. राजेश ने यंत्रों के स्थानीय किसानों के बीच उपयोगिता और व्यवहारिक प्रभाव को लेकर फीडबैक भी लिया।
सिंघाड़ा और मखाना खेती का भी किया अवलोकन
डॉ. राजेश ने प्रक्षेत्र में लगे सिंघाड़ा, मखाना एवं अन्य पारंपरिक फसलों को देखा। उनके साथ आए कृषक प्रेम शंकर मिश्रा ने सिंघाड़ा के पौधे लगाने की विधि को लेकर केंद्र प्रमुख से विशेष जानकारी प्राप्त की।
वैज्ञानिकों की उपस्थिति
इस अवसर पर केंद्र के उद्यान वैज्ञानिक डॉ. प्रदीप कुमार विश्वकर्मा, अभियांत्रिकी वैज्ञानिक ई. निधि कुमारी, गृह वैज्ञानिक पूजा कुमारी समेत अन्य वैज्ञानिक और कृषि कर्मी भी उपस्थित थे।