
अंतिम संस्कार विवाद: दरभंगा के सिंहवाड़ा में एक ऐसा मामला सामने आया है जहाँ एक महिला की लाश को 7 घंटे तक जलाया नहीं जा सका। जमीन को लेकर हुए विवाद के कारण परिजनों को घंटों इंतजार करना पड़ा, जिसके बाद अधिकारियों के हस्तक्षेप से ही यह अड़चन दूर हुई।
क्या था पूरा मामला?
सिंहवाड़ा (दरभंगा)। दरभंगा जिले के सिंहवाड़ा नगर पंचायत भरवाड़ा में शुक्रवार को एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। गांव की 60 वर्षीय रीता देवी, जो अनंत गुप्ता की पत्नी थीं, का निधन पटना के एक अस्पताल में इलाज के दौरान हो गया था। शुक्रवार की सुबह जब उनका शव गांव पहुंचा तो परिजनों में चीख-पुकार मच गई।

मृतिका के पुत्र नारायण कुमार और कृष्ण मुरारी ने बताया कि उन्होंने अंतिम संस्कार के लिए उपलों की व्यवस्था कर शव को भरवाड़ा डिग्घी पोखर स्थित श्मशान घाट पर भेजा। परिवार के सदस्यों ने अपने निजी जमीन पर गड्ढा खोदना शुरू किया, जहाँ उनके पूर्वजों का भी अंतिम संस्कार हुआ था। तभी गांव के भागेंद्र यादव और कौशल यादव मौके पर आ धमके और उस जमीन को अपनी बताते हुए अंतिम संस्कार के कार्य को रोक दिया। इस जमीन विवाद की वजह से घंटों तक अंतिम संस्कार रुका रहा और ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखने को मिला। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
कैसे शुरू हुआ अंतिम संस्कार विवाद?
अंतिम संस्कार विवाद की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जमा हो गए। मामले की गंभीरता को देखते हुए सिंहवाड़ा थानाध्यक्ष बसंत कुमार दल-बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। इसके बाद सीओ नेहा कुमारी और मुख्य पार्षद सुनील भारती सहित कई गणमान्य लोग भी मौके पर पहुंचे। सीओ नेहा कुमारी ने घटनास्थल पर पहुंचकर मामले की तहकीकात शुरू की। मृतिका के पुत्रों ने अधिकारियों को बताया कि यह जमीन उनके बाबा और दादा की है, और इसी स्थान पर उनके पूर्वजों का भी अंतिम संस्कार किया गया था, जिसके स्मारक भी बने हुए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जैसे ही अंतिम संस्कार की प्रक्रिया शुरू की गई, आरोपियों ने आकर कार्य रोक दिया। अधिकारियों ने दोनों पक्षों को सुना और स्थिति को शांत करने का प्रयास किया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
अधिकारियों के हस्तक्षेप से सुलझा विवाद
लगभग सात घंटे तक चले इस गतिरोध के बाद, सीओ नेहा कुमारी के हस्तक्षेप से आखिरकार रीता देवी का अंतिम संस्कार संपन्न कराया जा सका। उन्होंने बताया कि अंतिम संस्कार का कार्य पूरा करा लिया गया है। इस पूरे अंतिम संस्कार विवाद को सुलझाने में स्थानीय प्रशासन की भूमिका महत्वपूर्ण रही।
आगे क्या होगा?
प्रशासन ने दोनों पक्षों को निर्देश दिया है कि वे अपनी-अपनी जमीन के कागजात लेकर अंचल कार्यालय में उपस्थित हों। अंचल कार्यालय में दोनों पक्षों के कागजातों की जांच की जाएगी, जिसके बाद ही इस जमीन विवाद को लेकर आगे की कार्रवाई की जाएगी। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें







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