
दरभंगा, देशज टाइम्स अपराध ब्यूरो। जिले के कई चौक-चौराहों पर जाम की समस्या बढ़ गई हैं। इसे निजात दिलाने के लिये पुलिस प्रशासन कोई पहल नहीं करती। जब पुलिस वाले ही इस जाम को लगाने में अपनी भागीदारी सुनिश्चित कर दे फिर आम लोग कर भी क्या सकते हैं।
अब शहर के लहेरियासराय हजमा चौराहें की बात करें तो आप चारों तरफ ठेले देखते होंगे। किसी ठेले पर फल तो किसी ठेले पर सब्जी तो किसी ठेले पर कुछ और लगे रहते हैं। लेकिन, आपको शायद पता नहीं होगा कि यह ठेला पुलिस की मर्जी से सड़क किनारे खड़ी होती हैं।
सूत्रों का कहना है कि ठेला लगाने के बदले ठेला वाले से 14 सौ रुपये प्रति सप्ताह की उगाही की जाती है। यह उगाही कोई और नहीं पुलिस वाले ही करते हैं। अब इसका खामियाजा आम लोगों को भोगना पड़ता हैं।
इसी तरह आप दरभंगा टावर का नजारा देखिए, शाम ढलते ही कई ठेला चालक जो खाने पीने की चीजें बेचते हैं वह सड़क पर आ जाती हैं। कई और तरह के दर्जनों ठेले सड़क पर सुबह दस बजे के बाद लग जाती है। लोगों को आने जाने में काफी कठिनाई होती है। यहां भी ठेला पुलिस की मर्जी से ही लगती हैं।
नगर थाना की पुलिस यहां प्रतेक दिन यहां पैसे वसूलती हैं। दोनार चौक, स्टेशन रोड से पुअर होम जाने वाली सड़क आदि हैं। इन जगहों से पैसों की नाजायज वसूली होती हैं।
हजमा-चौराहे से बस स्टेैंड तक सड़क किनारे ठेले लगाने वालों की भरमार हैं। एक ठेले से साप्ताहिक अगर 14 सौ रुपये लिए जाते हैं मतलब 56 सौ रुपये की वसूली एक ठेले से मासिक होती है। ऐसे करीब पांच दर्जन से ज्यादा ठेला यहां लगता हैं।
पूर्व में यहां नाका में पदस्थापित हवलदार सुरेन्द्र सिंह ने एसएसपी से शिकायत कर इस बात की जानकारी दी थी। हवलदार 14 सुरेन्द्र सिंह यादव ने एसएसपी को दिये आवेदन में कहा था कि जब उनकी ओर से रोकथाम करने का प्रयास किया गया तो चार पांच पुलिस कर्मी आकर उनके साथ मारपीट करने का प्रयास किया।
यही नहीं उन्हें वहां से दूसरे नाका में बदली भी कर दिया। हालांकि इस मामले को लेकर तात्कालीन एसएसपी ने लहेरियासराय थाने को जांच कर प्रतिवेदन देने को कहा था लेकिन कई माह बीत जाने के बावजूद थानाध्यक्ष ने जांच रिपोर्ट एसएसपी को नहीं दिया।
एसडीपीओ अमित कुमार ने पूछने पर कहा कि इस मामले में एसएसपी से बात कर आगे की कारवाई करेंगे।हवलदार सुरेन्द्र सिंह यादव का यह पत्र ऐसा लगता हैं कि रद्दी के टोकरी में फेंककर मामले को इति श्री कर दिया।





