

जाले, देशज टाइम्स। बालासोर रेल हादसे में जाले प्रखंड क्षेत्र के छह मजदूर घायल होकर अपने गांव वापस आ गए हैं। सात लोग चेन्नई जा रहे थे। इसमे एक का अबतक आता पता नहीं है।
इस रेल दुर्घटना में सभी घायल हो गए थे। जहां, सभी का प्राथमिक चिकित्सा बालासोर के कैंप अस्पताल में की गई, वहां से सभी घायल मजदूर अपने घर के लिए वापस आ गए हैं।
यहां पहुंचने पर सभी घायल निजी तौर पर निजी डॉक्टर से चिकित्सा करा रहे हैं। घायलों में जाले प्रखंड के मुरैठा गांव के तीन व्यक्ति समेत उनके उनके तीन रिश्तेदार अपने एक घायल सोनू की काफी खोजबीन किया। लेकिन, वह नहीं मिला।
थक हार कर रिलीफ ट्रेन से वापस कोलकता पहुंचा। वहां से घर वापस आया है। गायब घायल सोनू सहनी का अबतक कोई खबर नहीं है।
बालासोर रेल दुर्घटना में घायल मुरैठा गांव निवासी सतावन सादा का पुत्र लखिंदर सदा, रामजीत सदा का पुत्र दीपु सदा तथा स्व.मेघु सदा के पुत्र रामचंदर सदा अपने चार रिश्तेदार केवटी प्रखंड के फुलकाही के दो और माधोपट्टी के दो साथी कुल सात लोग एक साथ दो जून को दरभंगा से हाबड़ा पहुंचे थे।
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जहां सभी ने हाबड़ा चेन्नई एक्सप्रेस ट्रेन पकड़कर चेन्नई मजदूरी करने जा रहे थे। अचानक भयानक आवाज हुई। और तेज झटका के साथ बोगी रेल लाइन से बाहर चला गया।
इन सभी को काफी चोटें के साथ कई अंग कट फट गया है। देशज टाइम्स से बातचीत में इन लोगों ने बताया कि हमलोग को बहुत चोट लगी हैं। राहत कैंप में दवा, भोजन की सुविधा उपलब्ध थी।
वहीं मुरैठा पंचायत के भीरोहा गांव निवासी ठक्कन सहनी ने देशज टाइम्स को बताया कि गायब मेरा नाती सोनू सहनी चेन्नई जा रहा था। उसके मोबाइल समेत किसी भी श्रोत से उससे संपर्क नहीं हो रहा है। घर में सभी चिंतित हैं।
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