दरभंगा समाहरणालय के सामने अब मोटरसाइकिल की पार्किंग बंद होने वाली है। अब वहां लोग अपनी बाइक नहीं लगा पाएंगे। क्योंकि, समाहरणालय के सामने बाइक नहीं लगाने की पहल जिला प्रशासन ने शुरू कर दी है। यह बहुत ही अच्छी पहल है। इससे आम लोगों को काफी सहूलियत मिलेगी। जाम से भी कुछ हद तक छुटकारा मिलेगा। सड़क बिल्कुल ही साफ-सुथरा और खुला-खुला दिखेगा। मगर, इसके साथ ही कुछ सवाल है, जो लोग पूछ रहे हैं। पहले खबर क्या है यह जानते हैं,
सदर एसडीओ ने ट्रैफिक डीएसपी को पत्र लिखकर “नो ट्रैफिक जोन” घोषित करने को कहा है। उन्होंने कहा कि आए दिन यहां कोर्ट परिसर एवं समाहरणालय परिसर के सामने सैकड़ों मोटरसाइकिल लोग जहां-तहां खड़ी कर चले जाते हैं। इस कारण आम लोगों को जाने-आने में परेशानी होती है। एसडीओ के इस आदेश के बाद ट्रैफिक डीएसपी ने सदर डीएसपी के साथ नाका छह पर एक बैठक कर विचारों का आदान-प्रदान किया।






डीएसपी कृष्ण नंदन प्रसाद ने कहा कि इस बाबत नगर निगम के प्रशासन से भी विचार-विमर्श करना चाहिए ताकि स्थायी समाधान निकल सके। वहीं, ट्रैफिक डीएसपी बिरजू पासवान ने कहा कि डीएम साहब के निर्देश के आलोक में नगर निगम प्रशासक को एक पत्र देकर इस बात से अवगत कराएंगे। उन्होंने कहा कि शहर में कई जगहों पर यही हाल है।
यहां बता देना जरूरी है कि दरभंगा टावर के चारों तरफ कई ठेलों का जमावड़ा रहता है। इस कारण लोगों का आना जाना भी दुश्वार हो गया है। इसी तरह दोनार, बेंता, हजमा चौराहा आदि जगहों पर बीच सड़क पर ठेलों की भरमार रहती है। इससे भी निदान शहरवासियों के लिए जरूरी है।
अब सवाल यह भी है, इस पहल के जमीनी शक्ल लेते ही कुछ समस्या भी लोग झेंलेग। समस्या यह है जब यह तय हो जाएगा कि नो पॉर्किंग जोन विधिवत लागू है तो फिर न्यायालय या उसके ठीक सामने समाहरणालय आने-वाले लोग इस नियम के सतह पर आने के बाद फिर अपनी मोटरसाइकिल कहां लगाएंगे। क्योंकि सड़क किनारे दोनों तरफ लगी हजारों मोटरसाइकिलें आम लोगों के लिए सरदर्द बन चुकी है। जिला प्रशासन अब तल्ख मूड में आ गया है कि इसे नो पार्किंग जोन घोषित कर दिया जाएगा। लेकिन सवाल उठता है कि लोग आखिर मोटरसाइकिल लगाएंगे तो कहां?








