दरभंगा | जाले थाना क्षेत्र के दोघरा गांव में एक महिला के साथ मारपीट और लूट की घटना सामने आई है। इस मामले में उमेश ठाकुर की पत्नी विभा देवी ने डेढ़ दर्जन से अधिक लोगों के खिलाफ प्राणघातक हमला और गहनों की लूट के गंभीर आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज करवाई है।
बकरी चराने के दौरान हुई मारपीट
पीड़िता विभा देवी ने पुलिस को बताया कि घटना 13 जुलाई 2025 को उस समय हुई जब वह बकरी चराने खेतों की ओर गई थीं। तभी नूर मोहम्मद पमार के नेतृत्व में कई लोगों ने उनपर हमला किया। किसी तरह वह खुद को बचाते हुए घायल अवस्था में घर पहुंचीं।
घर में घुसकर फिर से किया हमला
पीड़िता के अनुसार, हमलावरों ने इतने पर भी संतोष नहीं किया। घर में घुसकर दोबारा मारपीट की गई, जिससे वह गंभीर रूप से जख्मी हो गईं। बचाव के लिए आई रंजू देवी के साथ भी बदसलूकी और मारपीट की गई।
गहनों की लूट का आरोप
प्राथमिकी के अनुसार, हमलावरों ने पीड़िता के गले से सोने का मंगलसूत्र, चेन और कान का झुमका भी छीन लिया। यह घटना न केवल एक सामान्य झगड़ा बल्कि पूर्व नियोजित हमला और लूट का संकेत देती है।
❝ यह सिर्फ घरेलू विवाद नहीं, बल्कि सुनियोजित साजिश नजर आती है। महिला की अस्मिता, संपत्ति और सुरक्षा – तीनों पर हमला हुआ है। ❞
पुलिस ने दर्ज की प्राथमिकी, जांच शुरू
जाले थाना प्रभारी ने बताया कि पीड़िता के बयान पर IPC की धारा 307 (हत्या का प्रयास), 323 (मारपीट), 354 (महिला पर हमला), और 379 (लूट) सहित कई अन्य धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी गई है।
ग्रामीणों में दहशत, पीड़िता की सुरक्षा पर सवाल
घटना के बाद से गांव में दहशत का माहौल है। स्थानीय महिलाओं और बुजुर्गों में डर है कि अगर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो स्थिति और खराब हो सकती है। कई सामाजिक संगठनों ने इस पर संज्ञान लेते हुए पुलिस प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की मांग की है।
स्थानीय समाज के लिए चुनौती
इस तरह की घटनाएं न केवल कानून व्यवस्था की विफलता दिखाती हैं, बल्कि ग्रामीण महिलाओं की सुरक्षा पर भी प्रश्नचिह्न लगाती हैं। यदि इस मामले में शीघ्र न्याय नहीं हुआ, तो यह अन्य असामाजिक तत्वों को भी ऐसे कृत्य करने के लिए प्रोत्साहित कर सकता है।







