दरभंगा | कुशेश्वरस्थान विधानसभा क्षेत्र में आंगनवाड़ी केंद्र को अपना भवन मिल गया है, जिससे अब बच्चों के भविष्य निर्माण की दिशा में सकारात्मक पहल शुरू हो गई है। इस संबंध में मीडिया कोऑर्डिनेटर सुमित कुमार राय ने देशज टाइम्स को बताया –
इस क्षेत्र में भ्रष्टाचार, अवैधता, घूसखोरी और मनमानी करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ की जा रही है सख्त कार्रवाई
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आपको बता दें कुशेश्वरस्थान के चिंगड़ी सिमराहा पंचायत (वार्ड संख्या 10) में 11 साल से निजी घर में संचालित आंगनबाड़ी केंद्र संख्या 111 अब अपने सरकारी भवन में संचालित होगा।

समाजसेवी त्रिभुवन कुमार के प्रयासों और सीडीपीओ के निर्देशों के बाद इस केंद्र को अपनी सही जगह स्थानांतरित किया गया।
त्रिभुवन की तत्परता, सेविका उमा देवी की मनमानी का अंत
सेविका उमा देवी पिछले 11 वर्षों से इस केंद्र को अपने निजी घर में चला रही थीं और सरकार से भाड़े के रूप में अवैध राशि वसूल रही थीं। जब इसकी शिकायत समाजसेवी त्रिभुवन कुमार को मिली, तो उन्होंने सीडीपीओ को इसकी सूचना दी।
🔹 सीडीपीओ ने तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए, लेकिन सेविका की मनमानी जारी रही।
🔹 वरिष्ठ अधिकारियों के दखल के बाद, आईसीडीएस कुशेश्वरस्थान एक्शन मोड में आया।
🔹 सुपरवाइजर रिंकू देवी और समाजसेवी त्रिभुवन कुमार की निगरानी में आखिरकार केंद्र को सरकारी भवन में स्थानांतरित किया गया।
सुपरवाइजर रिंकू देवी ने कहा –
” सेविका ने केंद्र स्थानांतरित करने में काफी बहानेबाजी की, लेकिन हमने स्पष्ट कर दिया कि यदि वह ऐसा नहीं करेंगी, तो प्रशासनिक कार्रवाई और वेतन रोकने की प्रक्रिया शुरू होगी “
आरटीआई एक्टिविस्ट विनोद कुमार ने कहा –
” क्षेत्र के कई आंगनबाड़ी केंद्रों में अनियमितता की शिकायतें मिल रही हैं। उन्होंने बताया कि इस संबंध में कई आरटीआई आवेदन लगाए गए हैं, जिनका खुलासा जल्द किया जाएगा “
🔹 समाजसेवी दिलखुश कुमार ने मांग की कि सेविका उमा देवी से पिछले 11 वर्षों में अवैध रूप से वसूली गई सरकारी राशि की रिकवरी की जाए।
वरीय अधिकारियों तक करेंगे अपील
समाजसेवियों ने चेतावनी दी कि यदि दोषी सेविका के खिलाफ उचित कार्रवाई नहीं हुई, तो वे वरीय अधिकारियों तक अपील करेंगे।
📌 इस कार्रवाई से आंगनबाड़ी केंद्र 111 के बच्चों का भविष्य सुरक्षित हुआ है और सरकारी संसाधनों के दुरुपयोग पर रोक लगी है।















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