
Online Workshop: ज्ञान के महासागर में गोते लगाने वालों के लिए शोध एक पतवार की तरह है, लेकिन इस पतवार को सही दिशा में चलाना भी एक कला है। इसी कला की बारीकियों से छात्रों को परिचित कराने के लिए विश्वविद्यालय के संगीत एवं नाट्य विभाग ने एक महत्वपूर्ण पहल की है।
विभाग द्वारा 14 और 15 मार्च 2026 को ‘डेजर्टेशन अथवा प्रोजेक्ट राइट ING’ विषय पर दो दिवसीय ऑनलाइन कार्यशाला का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में सत्र 2024-26 और PAT 2023 के लगभग 75 विद्यार्थी शामिल हुए, जिन्होंने शोध की दुनिया में अपना पहला कदम रखा है।

क्या था इस Online Workshop का उद्देश्य
कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य छात्रों को शोध-प्रबंध लेखन की जटिलताओं से अवगत कराना और उन्हें एक प्रभावी शोधकर्ता बनने के लिए तैयार करना था। कार्यक्रम के विशेषज्ञ के तौर पर विश्वभारती विश्वविद्यालय, शांतिनिकेतन के विभागाध्यक्ष डॉ. अमित कुमार वर्मा को आमंत्रित किया गया था। कार्यक्रम के आरम्भ में विभागाध्यक्ष सह संकायाध्यक्ष प्रो. लावण्य कीर्ति सिंह ‘काव्या’ ने सभी प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए विशेषज्ञ का परिचय कराया और उनके अकादमिक योगदान पर प्रकाश डाला।
डॉ. वर्मा ने अपने सत्र में शोध प्रक्रिया के हर पहलू पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने विभिन्न सुलभ और सहज उदाहरणों के माध्यम से छात्रों को समझाया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। कार्यशाला के दौरान निम्नलिखित प्रमुख बिंदुओं पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया:
- विषय का सही चयन और रिसर्च गैप की पहचान
- कोटेशन लेखन, फुट नोट और एंड नोट का सही प्रयोग
- संदर्भ सूची तैयार करने की विधि
- प्लेगियरिज्म और कॉपीराइट के नियम
- शोध पत्र, निबंध और शोध-प्रबंध लेखन में अंतर
उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि कैसे एक शोध को महत्वपूर्ण और प्रभावशाली बनाया जा सकता है। यह अकादमिक सत्र छात्रों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध हुआ। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: https://deshajtimes.com/news/national/
विशेषज्ञ ने दिए छात्रों के सवालों के जवाब
सत्र के अंत में एक प्रश्नोत्तर सत्र भी आयोजित किया गया, जिसमें उपस्थित प्रतिभागियों ने विषय से संबंधित अपनी जिज्ञासाओं को शांत करने के लिए अनेक प्रश्न पूछे। विशेषज्ञ डॉ. वर्मा ने सभी सवालों का बड़ी ही सहजता और विस्तार से संतोषप्रद जवाब दिया, जिससे छात्रों में शोध को लेकर एक नई समझ विकसित हुई। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
इस ऑनलाइन कार्यशाला में स्थानीय विद्यार्थियों के अतिरिक्त विभाग के सभी शिक्षक, जिनमें प्रो. पुष्पम नारायण, डॉ. पुष्कर कुमार झा, और डॉ. अभिषेक स्मिथ शामिल थे, भी उपस्थित रहे। इस सफल आयोजन ने विभाग की अकादमिक उत्कृष्टता के प्रति प्रतिबद्धता को एक बार फिर साबित कर दिया है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।


