Varanasi Hindu Rashtra News: काशी नगरी में हाल ही में आयोजित एक भव्य ‘हिंदू संगम’ कार्यक्रम में हिंदू राष्ट्र की मांग पुरजोर तरीके से उठाई गई। वाराणसी के फुलवरिया में संपन्न हुए इस आयोजन में देश के विभिन्न हिस्सों से आए सनातनी योद्धाओं ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य भारत को हिंदू राष्ट्र घोषित करने की आवश्यकता पर बल देना था।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि शांभवी पीठाधीश्वर स्वामी आनंद स्वरूप जी महाराज ने सभी सनातनियों से आह्वान किया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रिय होकर मठ-मंदिरों को सरकारी नियंत्रण से मुक्त कराने के लिए काम करें। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सनातन संस्कृति और परंपराओं की रक्षा के लिए यह कदम उठाना अत्यंत आवश्यक है। स्वामी जी ने कहा कि मंदिरों को सरकारी हस्तक्षेप से मुक्त कर ही उनकी पवित्रता और स्वायत्तता सुनिश्चित की जा सकती है।
सनातन मान-बिंदुओं की रक्षा और हिंदू राष्ट्र की आवश्यकता
मुख्य वक्ता के रूप में पूज्यपाद जगद्गुरु शंकराचार्य गोवर्धन पीठाधीश्वर महाराज जी के कृपा पात्र शिष्य और विश्व ब्राह्मण भूषण से सम्मानित अधिवक्ता प्रेमचंद्र झा ने गोवर्धन मठ पुरी से सनातन मान-बिंदुओं की रक्षा के लिए चलाए जा रहे अभियान की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि सनातन समाज के सामने भले ही हजारों समस्याएं हों, लेकिन उन सभी का मूल कारण एक ही है। श्री झा ने कहा कि इन सभी समस्याओं का समाधान भारत और नेपाल को प्रथम चरण में हिंदू राष्ट्र घोषित करने में निहित है।अधिवक्ता झा ने अपने उद्बोधन में कहा कि जब तक भारत में सनातन शासन तंत्र स्थापित नहीं होगा, तब तक किसी भी सनातन मान-बिंदु की रक्षा करना संभव नहीं है। इसलिए, उन्होंने सभी सनातनियों से संगठित होकर जल्द से जल्द भारत और नेपाल को हिंदू राष्ट्र घोषित करवाने की दिशा में कार्य करने का आग्रह किया। उनका मानना था कि यह केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और धार्मिक अस्तित्व का प्रश्न है।आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
सनातन धर्म ही एकमात्र विश्व धर्म: झा
अपने वक्तव्य में प्रेमचंद्र झा ने यह भी कहा कि विश्व में केवल एक ही धर्म है, जिसका नाम सनातन वैदिक आर्य हिंदू धर्म है। उन्होंने अन्य सभी विचारधाराओं को ‘धर्माभास’, पथ या मजहब बताया। झा ने तर्क दिया कि सबके पूर्वज हिंदू और सनातनी थे, जो इस परंपरा की प्राचीनता को दर्शाता है।उन्होंने सनातन परंपरा की विशालता पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह परंपरा इस कल्प में एक अरब 97 करोड़ 29 लाख 49 हजार 126 वर्ष पुरानी है। इसके बावजूद, यह विडंबना है कि आज 1400 वर्ष पुरानी परंपरा वाले मजहब के 57 देश हैं और 2000 वर्ष पुरानी परंपरा वाले पंथ के लगभग 100 देश हैं, लेकिन विश्व में सनातनियों का एक भी देश नहीं है। यह स्थिति विचारणीय और चिंताजनक है।देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करेंझा ने यह भी दावा किया कि अब वह समय आ गया है जब भारत को स्वयं को हिंदू राष्ट्र घोषित करना चाहिए। उनका कहना था कि यदि भारत ऐसा करता है, तो विश्व के लगभग 15 अन्य छोटे देश एक साल के भीतर स्वयं को हिंदू राष्ट्र घोषित कर सकते हैं। यह भारत के लिए एक नेतृत्वकारी भूमिका निभाने का अवसर होगा।इस ‘Hindu Sangam Varanasi’ कार्यक्रम में बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता गौरव मिश्रा, काल भैरव पीठाधीश्वर गुड्डू बाबा और समाजसेवी अजय शर्मा सहित कई अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने भी अपने विचार साझा किए। सभी वक्ताओं ने हिंदू राष्ट्र के निर्माण और सनातन मूल्यों के संरक्षण पर जोर दिया।आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।देश के विभिन्न क्षेत्रों से आए सनातनी योद्धाओं ने इस कार्यक्रम में उत्साहपूर्वक भाग लिया। ‘हम भारत भव्य बनाएंगे, हम हिंदू राष्ट्र बनाएंगे’ के उद्घोष के साथ इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम का समापन हुआ, जिसने काशी की धरती से हिंदू राष्ट्र के सपने को एक नई ऊर्जा प्रदान की।







