spot_img

Elections Result 2024 Live: त्वरित टिप्पणी: Lok Sabha Chunav परिणाम….अगर तुम होते…

spot_img
- Advertisement -

Elections Result 2024 Live: त्वरित टिप्पणी: Lok Sabha Chunav परिणाम….अगर तुम होते…याद कीजिए, जब नीतीश कुमार और तेजस्वी की अगुवाई में पटना में इंडिया गठबंधन की पहली बैठक हुई थी। इसके बाद बातें आगे बढ़ीं। पहले नीतीश ने साथ छोड़ा ।फिर ममता बनर्जी साथ छोड़ गईं।

- Advertisement -

 

- Advertisement -

मगर आज अभी ममता और नीतीश साथ होते तो क्या होता। टीवी चैनलों पर जितने डिबेट हो रहे। इसपर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। जहां, ममता बनर्जी को तीस से पैंतीस सीटों पर आगे चलने का रूझान आया है। वहीं, नीतीश का जदयू बिहार में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरती दिख रही।

- Advertisement -

 

यानि, बीजेपी को पश्चिम बंगाल और बिहार में भी बड़ा झटका लगा है। ऐसे में, अगर इन दोनों पार्टियों की सीटें इंडिया गठबंधन से जुड़े तो आंकड़ा कुछ और दिखेगा।

 

वहीं, संभावना यह भी बन रही है कि कहीं ममता बनर्जी की टीएमसी बड़ी खेल ना कर दे। वहीं, अखिलेश यादव, अपने पिता मुलायम सिंह यादव के बगैर पहली बार लोकसभा चुनाव लड़ रहे हैं। सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उत्तर प्रदेश में उभरना। कई मायने का संकेत है।

 

वहीं, कांग्रेस का उत्तर प्रदेश में लौ जलने का संकेत। राहुल गांधी का रायबरेली में करीब एक लाख से लीड, अमेठी में स्मृति इरानी का पिछड़ना, कांग्रेस की दूरगामी सोच, और निसंदेह प्रियंका गांधी की बड़ी जीत मानी जा रही है।

 

कारण, केएल शर्मा को राजनीतिक विशलेषक जोकर बता रहे थे। यह मान रहे थे कि गांधी परिवार ने उनके साथ धोखा किया। लेकिन, देशज टाइम्स ने बताया था कि केएल शर्मा छुपा रूस्तम साबित होंगे जो आज दिख रहा है।

- Advertisement -

जरूर पढ़ें

Patna University Admission: पटना विश्वविद्यालय में दाखिले की रेस शुरू, जानें कटऑफ, सीटें और आवेदन की पूरी प्रक्रिया!

Patna University Admission: बिहार के टॉप विश्वविद्यालयों में से एक, पटना विश्वविद्यालय में चार...

बिहार बोर्ड के छात्रों के लिए गुड न्यूज, अब नहीं काटने पड़ेंगे दफ्तरों के चक्कर, जानिए क्या खास हुआ है लॉन्च? मिलेगी यह सुविधा...

Bihar Board Single Window Pranali: बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने विद्यार्थियों, अभिभावकों और शिक्षकों...

Deshaj Times Special: रसीदें गायब, नक्शा गायब, जवाबदार बहाल, 9 साल, 1100 दुकानदार, फाइलों में दफन वसूली का ‘ रेटकार्ड ‘

इस घोटाले की लिखावट इतनी शातिर है कि सरकारी खजाने में जहाँ पाँच हज़ार...