Gaya Crime News: गया जंक्शन पर रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) और राजकीय रेल पुलिस (जीआरपी) ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। इस अभियान में यात्रियों की सुरक्षा को सुनिश्चित करते हुए चार शातिर चोरों को गिरफ्तार किया गया है। ये अपराधी ट्रेनों में यात्रियों को अपना निशाना बनाते थे, जिससे लंबे समय से यात्री परेशान थे।
गिरफ्तार किए गए सभी युवक पश्चिम बंगाल के निवासी बताए जा रहे हैं। पुलिस ने इनके पास से कई चोरी के मोबाइल फोन और बड़ी मात्रा में नकदी भी बरामद की है। इस कार्रवाई से रेल यात्रियों में राहत की भावना देखने को मिली है, क्योंकि ट्रेनों में चोरी और छिनतई की घटनाएं बढ़ रही थीं।
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‘ऑपरेशन यात्री सुरक्षा’ के तहत मिली बड़ी सफलता
आरपीएफ इंस्पेक्टर बनारसी यादव और रेल थानाध्यक्ष शिव कुमार के नेतृत्व में यह विशेष जांच अभियान चलाया गया। ‘ऑपरेशन यात्री सुरक्षा’ नामक इस पहल का उद्देश्य रेल यात्रियों को सुरक्षित यात्रा मुहैया कराना था। संयुक्त टीम ने गया जंक्शन के प्लेटफॉर्म संख्या-1 पर विशेष निगरानी रखी थी।
अभियान के दौरान, हावड़ा छोर पर चार संदिग्ध युवकों को हिरासत में लिया गया। प्रारंभिक पूछताछ में ही उनके मंसूबे स्पष्ट हो गए और तलाशी लेने पर उनके पास से चोरी का माल बरामद हुआ। पुलिस अब उनके आपराधिक इतिहास और गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश कर रही है।
पुलिस ने गिरफ्तार युवकों की पहचान सलामत गाजी, मिलन अली मोला, महसिन शाह और नाजीबर मंडल के रूप में की है। ये सभी पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के कैनिंग थाना क्षेत्र के रहने वाले हैं। इन सभी को रेल थाना ले जाकर गहन पूछताछ की गई है, जिसमें उन्होंने कई अहम खुलासे किए हैं।
पश्चिम बंगाल के चार आरोपी कैसे करते थे चोरी?
जांच में पता चला है कि ये चारों आपस में मित्र हैं और गया शहर के विभिन्न इलाकों में रहकर अपना ठिकाना बनाते थे। इनका मुख्य निशाना पैसेंजर ट्रेनें होती थीं, जहां वे यात्रियों के सामान पर हाथ साफ करते थे। पुलिस के अनुसार, यह गिरोह काफी समय से यात्रियों को निशाना बना रहा था, जिससे रेलवे प्रशासन भी चिंतित था।
इन आरोपियों ने पूछताछ में कबूल किया है कि वे ट्रेन के धीमी गति से चलने या हॉल्ट पर रुकने के दौरान यात्रियों से मोबाइल फोन छीनने की घटनाओं में भी शामिल थे। बिहार में ट्रेन लूट और चोरी की घटनाओं को रोकने के लिए यह गिरफ्तारी एक बड़ी सफलता मानी जा रही है। ऐसे अपराधियों के कारण यात्रियों में हमेशा डर बना रहता था।
पुलिस ने इन अपराधियों के कब्जे से चार चोरी के मोबाइल फोन और 19,800 रुपये नकद बरामद किए हैं। बरामदगी के बाद सभी आरोपियों को जीआरपी थाना गया ले जाया गया, जहां उनके खिलाफ कांड संख्या 158/2026 दर्ज किया गया है। पुलिस अब उनके पिछले रिकॉर्ड और अन्य मामलों से उनके कनेक्शन खंगाल रही है।
पुलिस की आगे की कार्रवाई और यात्रियों के लिए संदेश
आरपीएफ इंस्पेक्टर बनारसी यादव ने बताया कि यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में यह कार्रवाई एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्टेशन और ट्रेनों में अपराधियों के खिलाफ विशेष अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। रेल प्रशासन यात्रियों से सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को देने की अपील करता है।
जीआरपी और आरपीएफ की संयुक्त टीमें भविष्य में भी इसी तरह की कार्रवाई करती रहेंगी। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि रेल यात्रा सुरक्षित और भयमुक्त हो। रेलवे पुलिस यात्रियों की सुरक्षा के लिए कटिबद्ध है और किसी भी असामाजिक तत्व को बख्शा नहीं जाएगा।
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इस गिरफ्तारी से रेलवे सुरक्षा बलों का मनोबल बढ़ा है और उम्मीद है कि आने वाले समय में ट्रेनों में होने वाली चोरी और छिनतई की घटनाओं में कमी आएगी। यात्रियों को भी अपनी कीमती वस्तुओं का ध्यान रखना चाहिए और यात्रा के दौरान असावधान नहीं रहना चाहिए।
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