Patna Ayushman News: बिहार में आयुष्मान भारत स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत इलाज कराने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, इस योजना से अब तक 23.47 लाख से अधिक लोगों का इलाज किया जा चुका है, जिसमें पटना जिले ने सबसे अधिक उपचार दर्ज किए हैं। यह राज्यभर में सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति बढ़ती जागरूकता और उपयोग को दर्शाता है।
आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
पटना ने लाभार्थियों की संख्या में बनाई बढ़त
जिला स्वास्थ्य सुरक्षा समिति के आंकड़ों के मुताबिक, पटना जिले में Patna Ayushman News के तहत 4.69 लाख से अधिक मरीजों ने इलाज का लाभ उठाया है। वहीं, मुजफ्फरपुर लगभग 2.20 लाख लाभार्थियों के साथ दूसरे स्थान पर है, जबकि दरभंगा में लगभग 1.45 लाख लाभार्थी दर्ज किए गए हैं। इन तीन जिलों का राज्य में योजना के तहत कुल उपचारों में लगभग 38 प्रतिशत का योगदान है। अधिकारियों का मानना है कि जागरूकता अभियानों और सूचीबद्ध अस्पतालों तक बेहतर पहुंच के कारण इन आंकड़ों में वृद्धि हुई है। सिविल सर्जन डॉ. योगेंद्र मंडल ने बताया कि इन प्रयासों ने अधिक योग्य परिवारों को योजना का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया है।
1,250 से अधिक अस्पताल सूचीबद्ध, आयुष्मान मित्र मददगार
बिहार में आयुष्मान भारत नेटवर्क में वर्तमान में लगभग 1,252 सूचीबद्ध अस्पताल शामिल हैं, जिनमें 601 सरकारी अस्पताल और 651 निजी स्वास्थ्य सुविधाएं हैं। इन अस्पतालों में मरीज सप्ताह भर इलाज का लाभ उठा सकते हैं। स्वास्थ्य सेवाओं तक आसान पहुंच सुनिश्चित करने के लिए, सभी सूचीबद्ध अस्पतालों में आयुष्मान मित्र तैनात किए गए हैं। ये मित्र लाभार्थियों को दस्तावेज़ीकरण, पंजीकरण और उपचार-संबंधी प्रक्रियाओं में सहायता करते हैं, जिससे योग्य मरीजों को समय पर देखभाल मिल सके।
स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि लाभार्थियों की संख्या में लगातार वृद्धि बिहार के निवासियों के बीच आयुष्मान भारत कार्यक्रम में बढ़ते विश्वास को इंगित करती है। यह योजना योग्य परिवारों के लिए कैशलेस उपचार प्रदान करती है और राज्य भर में लाखों लोगों, विशेष रूप से आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए एक महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सुरक्षा कवच बन गई है।
देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
यह योजना गरीबों के लिए एक बड़ी उम्मीद बनकर उभरी है, जिसने उन्हें महंगे इलाज के बोझ से मुक्ति दिलाई है और एक स्वस्थ जीवन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है।







